
आरंग। प्रदेश सरकार द्वारा नई शराब दुकानों को खोलने की योजना के विरोध में अब ग्रामीण भी मुखर हो गए हैं। आरंग जनपद पंचायत के ग्राम खौली में प्रस्तावित शराब दुकान को लेकर ग्रामीणों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। शुक्रवार को जिला पंचायत सदस्य वतन चंद्राकर के नेतृत्व में ग्रामीणों ने एसडीएम पुष्पेंद्र शर्मा को ज्ञापन सौंपते हुए दुकान को अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग की।

ग्रामीणों का आरोप – जनप्रतिनिधियों पर बनाया जा रहा दबाव
ग्रामीणों ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि वे गांव के सरपंच पर शराब दुकान खोलने की सहमति देने के लिए दबाव बना रहे हैं, जिससे सरपंच भयभीत हैं।

महिलाओं की चिंता – छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा पर खतरा
गांव की महिलाओं ने भी शराब दुकान खुलने पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि खौली में कक्षा 12वीं तक का स्कूल है, जहां आसपास के गांवों की लड़कियां पढ़ाई करने आती हैं। अगर गांव में शराब की दुकान खुलती है तो असामाजिक तत्व सक्रिय हो जाएंगे, जिससे छात्राओं और महिलाओं का बाहर निकलना मुश्किल हो जाएगा।

गांव का शांतिपूर्ण माहौल बिगड़ने की आशंका
ग्रामीणों का मानना है कि खौली एक शांतिपूर्ण गांव है, लेकिन शराब दुकान खुलने से झगड़े और विवाद बढ़ सकते हैं। इससे गांव का माहौल खराब होगा और सामाजिक तानाबाना भी प्रभावित होगा।

ग्रामीणों की चेतावनी – दुकान नहीं हटाई तो होगा उग्र आंदोलन
ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि यदि प्रशासन शराब दुकान खोलने पर अड़ा रहा तो उग्र आंदोलन और धरना प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही, किसी भी प्रशासनिक अधिकारी या जनप्रतिनिधि को गांव में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।
प्रशासन के लिए आसान नहीं होगा दुकान खोलना
ग्रामीणों के भारी विरोध से स्पष्ट है कि ग्राम खौली में शराब दुकान खोलना शासन-प्रशासन के लिए आसान नहीं होगा। अगर प्रशासन ने उनकी मांगों को अनसुना किया तो गांव का माहौल बिगड़ने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
