सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से एक चौंकाने वाली लेकिन राहतभरी खबर सामने आई है। रामगढ़ की पहाड़ियों में दर्शन के लिए अपने परिवार के साथ पहुंची एक 12 वर्षीय बच्ची अचानक गहरी खाई में गिर गई। बताया जा रहा है कि बंदरों से बचने की कोशिश में बच्ची करीब 150 से 200 फीट नीचे खाई में जा गिरी।
इस हादसे में उसके सिर और पैरों में चोटें आई हैं, लेकिन गनीमत रही कि उसकी जान बच गई। तीन घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। यह घटना उदयपुर थाना क्षेत्र की है और ‘जाको राखे साइयां, मार सके ना कोय’ कहावत को सजीव कर गई।
जानकारी के मुताबिक, भैयाथान के डुमरिया निवासी बच्ची बेबी राजवाड़े सोमवार सुबह 9 बजे परिवार के 7 लोगों के साथ रामगढ़ पहुंची थी। रामगढ़ में सभी भगवान राम के मंदिर में पूजा करने जा रहे थे। पहाड़ी पर मंदिर के आस-पास बंदर उछलकूद करते रहे हैं। एक महीने पहले 3 अप्रैल को भी एक बच्ची बंदरों के कारण करीब 200 फीट नीचे गिर गई थी।
इस दौरान रामगढ़ पहाड़ी में मंदिर पहुंचने से पहले चंदन मिट्टी के पास बंदरों से बचने के चक्कर में तुलेश्वर की बेटी बेबी राजवाड़े खाई के किनारे पहुंच गई। उसका संतुलन बिगड़ा और खाई में गिर गई। हादसे के बाद परिवार के लोगों में चीख-पुकार मच गई।
तीन घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन, बचाव में जुटी रही पुलिस और वन विभाग की टीम
घटना की जानकारी मिलते ही रामगढ़ के अशोक बैगा ने तुरंत वन विभाग और उदयपुर पुलिस को सूचित किया। सूचना पाकर वन विभाग के कर्मचारी और पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। वहीं, अंबिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल भी घटना की जानकारी मिलते ही घटनास्थल पर पहुंचे। रेस्क्यू अभियान के दौरान अशोक बैगा, परमेश्वर, हिमांचल और अंकित रस्सियों के सहारे खाई में उतरे। वहां उन्हें घायल अवस्था में बेबी राजवाड़े मिली। टीम ने पूरी सावधानी से बच्ची को रस्सियों की मदद से ऊपर लाया। बच्ची को सुरक्षित देख परिजन और आसपास मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली।
उदयपुर थाने के जांच अधिकारी अभाष मिंज ने बताया कि बच्ची गिरी पड़ी थी। जान जोखिम में डालकर बचाया गया। भगवान की कृपा है। अनहोनी घटना से बच्ची बच गई है। रेस्क्यू कर बच्ची को बचाया गया है। रेस्क्यू के बाद उसे उदयपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया।
वहीं उदयपुर BMO डॉ. योगेंद्र पैकरा ने बताया कि, बच्ची का सिटी स्कैन और पैर का एक्स-रे भी लिया गया है। बच्ची खतरे से बाहर है। फिलहाल, इलाज चल रहा है। बच्ची हमारी टीम की निगरानी में है।