
बिलासपुर। बिलासपुर जिले के सरकंडा थाना क्षेत्र स्थित मोपका पुलिस चौकी एक बार फिर गलत वजहों से सुर्खियों में है। सोशल मीडिया में वायरल एक वीडियो ने न केवल पुलिस विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि पुलिस चौकी को “मयखाना” बना देने की शर्मनाक हकीकत भी सामने ला दी है।
वीडियो में साफ दिखता है कि चौकी के एक कमरे में दो आरक्षक वर्दी में ही बैठकर शराब का पैग बना रहे हैं। चौकी उस समय पूरी तरह खाली पड़ी थी, जिसे देखकर एक युवक अंदर पहुंच जाता है। युवक जैसे ही मोबाइल निकालकर वीडियो बनाना शुरू करता है, वैसे ही आरक्षक संतोष राठौर बुरी तरह तैश में आ जाता है। कैमरा देखते ही वह अपना आपा खो देता है, युवक को गाली-गलौज करता है और मोबाइल छीनकर उसे जान से मारने की धमकी तक दे डालता है।

ड्यूटी में लापरवाही या सत्ता का नशा?
चौकी में ‘जाम’ छलकाते पुलिसकर्मी
मोपका चौकी से सामने आए इस वीडियो ने बिलासपुर पुलिस की छवि पर गंभीर आघात पहुंचाया है। कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाने वाले जवान खुद चौकी को बार में तब्दील किए बैठे थे। न केवल ड्यूटी के दौरान शराब पीना, बल्कि वहां पहुंचे एक आम नागरिक को धमकाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े करता है—क्या चौकी में कानून से ऊपर पुलिसकर्मी खुद को समझते हैं?

वीडियो बनाते युवक को धमकियां – “पटक–पटक कर मार दूँगा”
युवक ने जब आपत्ति जताई और वीडियो जारी रखा, तो आरक्षक संतोष राठौर ने न केवल मोबाइल छीना, बल्कि युवक को धमकी देते हुए कहा कि वह उसे पटक–पटक कर मार देगा। वीडियो में आरक्षक की यह धमकी साफ सुनाई दे रही है। इस तरह की दबंगई पुलिस चौकी के अंदर होने से यह सवाल उठ रहा है कि ऐसे पुलिसकर्मी आम जनता की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित कर पाएंगे?

वायरल वीडियो के बाद जिला पुलिस प्रशासन सवालों के घेरे में
बुधवार देर रात वायरल हुए इस वीडियो के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। सोशल मीडिया पर लोग लगातार पुलिस की कार्यशैली पर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। वीडियो का हर सेकंड यह दिखा रहा है कि चौकी में तैनात जवान कितनी बड़ी लापरवाही और गैरकानूनी तरीके से ड्यूटी कर रहे थे।
अधिकारियों ने कहा है कि वीडियो की जांच की जा रही है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाओं में जांच तो होती है, पर कड़ी कार्रवाई शायद ही देखने को मिलती है। सवाल यह भी है कि क्या विभाग इस बार आरोपियों पर सख्त कदम उठाएगा या मामला फिर औपचारिक जांच के बाद ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा?
पुलिस चौकी बनी ‘मयखाना’ – जनता का भरोसा डगमगाया
वीडियो ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मोपका चौकी को शराबखोरी का अड्डा बनाकर ड्यूटी को पूरी तरह मजाक बनाया जा रहा था। ऐसे में जनता का पुलिस से भरोसा लगातार टूट रहा है। वर्दी में शराब पीते और धमकाते दिखाई देने वाले जवानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय स्तर तक तेज हो गई है।
अब सबकी निगाहें पुलिस प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस शर्मनाक घटना पर क्या कार्रवाई करता है—गंभीर कदम या सिर्फ आश्वासन?
यह मामला सिर्फ एक वीडियो का नहीं, बल्कि पुलिस व्यवस्था पर उठ रहे गंभीर सवालों का आइना है।
