
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से पुलिस महकमे को कटघरे में खड़ा करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। NDPS एक्ट के तहत दर्ज एक प्रकरण में पुलिसकर्मियों पर 80 हजार रुपये की रिश्वत लेकर आरोपी को छोड़ने का आरोप लगा है। इस पूरे मामले के उजागर होते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।

जानकारी के अनुसार, कोटा थाना क्षेत्र में पुलिस ने करीब 500 ग्राम गांजा के साथ एक नाबालिग को पकड़ा था। पूछताछ में सामने आया कि नाबालिग अपने पिता के कहने पर गांजा बिक्री का काम कर रहा था। यह मामला NDPS एक्ट के तहत गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है, लेकिन आरोप है कि मामले में तैनात पुलिसकर्मियों ने नियमों को ताक पर रख दिया।

बताया जा रहा है कि हवलदार प्रकाश दुबे और आरक्षक सोमेश्वर ने वरिष्ठ अधिकारियों को बिना सूचना दिए आरोपी को छोड़ दिया। आरोप है कि इसके बदले दोनों पुलिसकर्मियों ने करीब 80 हजार रुपये की रिश्वत ली। घटना के बाद से गांजा बिक्री से जुड़ा मुख्य आरोपी फरार बताया जा रहा है, जिससे पूरे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।

मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचने के बाद तत्काल जांच कराई गई। प्रारंभिक जांच में लापरवाही और नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर हवलदार प्रकाश दुबे और आरक्षक सोमेश्वर को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, कोटा थाना प्रभारी (टीआई) को भी इस पूरे प्रकरण में लापरवाही बरतने के आरोप में शो-कॉज नोटिस जारी किया गया है।

इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए रजनेश सिंह, एसएसपी बिलासपुर ने कहा कि NDPS जैसे संवेदनशील मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है।

फिलहाल, पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी हुई है, वहीं विभागीय जांच के आधार पर आगे और भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। यह मामला न सिर्फ पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है, बल्कि NDPS जैसे गंभीर कानून के प्रभावी क्रियान्वयन की जरूरत को भी उजागर करता है।
