
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर मंगलवार रात उस वक्त दहल उठी, जब राजकिशोर नगर इलाके में करोड़ों की सनसनीखेज लूट को अंजाम दिया गया। महालक्ष्मी ज्वेलरी शॉप के संचालक संतोष तिवारी पर जानलेवा हमला कर बदमाश करीब 3 करोड़ 35 लाख रुपये के जेवर और नकदी से भरी कार लेकर फरार हो गए।

घटना के बाद पुलिस ने उरतुम के पास से व्यापारी की कार तो बरामद कर ली, लेकिन कार में रखा 2 किलो 200 ग्राम सोना और लाखों की नकदी लुटेरों के साथ ही गायब है। इस वारदात ने न सिर्फ व्यापारियों में दहशत फैला दी, बल्कि प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

पहले रैकी, फिर हमला… पूरी प्लानिंग के साथ लूट
पुलिस के मुताबिक, बदमाश कई दिनों से संतोष तिवारी की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे। दुकान बंद करने का समय, घर जाने का रास्ता—सब कुछ लुटेरों को पहले से पता था।
वसंत विहार चौक के पास मौका मिलते ही बदमाशों ने कारोबारी पर हमला किया और उनकी कार समेत सोना, नकदी और कीमती सामान लेकर फरार हो गए।
घायल कारोबारी को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

CCTV और स्निफर डॉग से मिले अहम सुराग
वारदात के बाद पुलिस को सीसीटीवी फुटेज हाथ लगी है, जिसमें बाइक सवार लुटेरे दुकान बंद होने के समय से ही व्यापारी का पीछा करते दिखाई दे रहे हैं।
वहीं स्निफर डॉग ने घटनास्थल से गंध सूंघते हुए ओम पैलेस अटल आवास की दिशा में दौड़ लगाई, जिससे बदमाशों के भागने के रूट का संकेत मिला है। पुलिस की कई टीमें शहर और आसपास के इलाकों में नाकेबंदी कर तलाश में जुटी हैं।

व्यापारियों में आक्रोश, सुरक्षा की मांग
इस वारदात के बाद सराफा कारोबारियों में भारी आक्रोश है। सराफा एसोसिएशन ने इसे बिलासपुर की अब तक की सबसे बड़ी लूट बताया और व्यापारियों की सुरक्षा को लेकर पुलिस-प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग की है।

राजनीति भी गरमाई, इस्तीफे की मांग
घटना ने सियासी पारा भी चढ़ा दिया है। कांग्रेस ने बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर सरकार और स्थानीय विधायक पर हमला बोला है। पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने कहा कि बिलासपुर अपराध का केंद्र बनता जा रहा है और जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। उन्होंने विधायक से इस्तीफे की मांग तक कर दी।
