बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के तारबहार थाना क्षेत्र के पुराना बस स्टैंड राजीव प्लाजा के पास खड़ी छोटा हाथी गाड़ी में अचानक आग लग गई। चंद ही मिनटों में गाड़ी का अगला हिस्सा जलकर पूरी तरह राख हो गया। घटना इतनी तेजी से हुई कि आसपास के लोग दहशत में आ गए और इलाके में अफरा-तफरी मच गई। गाड़ी मालिक कुछ समय पहले ही वाहन खड़ा कर घर के अंदर गया था, तभी अचानक आग भड़क उठी।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि, आग लगने के बाद स्थानीय लोग अपनी जान जोखिम में डालकर वाहन को बचाने की कोशिश करते रहे। पानी और अन्य साधनों से आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया, लेकिन तब तक गाड़ी का बड़ा हिस्सा जल चुका था। इस दौरान सबसे बड़ा सवाल खड़ा हुआ पुलिस और प्रशासन की लापरवाही पर। इतनी भीड़भाड़ वाले इलाके में आग की सूचना समय रहते पुलिस और फायर ब्रिगेड तक नहीं पहुंच पाई। मौके पर न तो पुलिस की मौजूदगी दिखी और न ही फायर ब्रिगेड समय पर पहुंच पाई।
लोगों का आरोप है कि अगर पुलिस मुस्तैद रहती और क्षेत्र में गश्त समय पर होती तो आग लगने की जानकारी तुरंत मिल जाती और नुकसान को रोका जा सकता था। लेकिन हमेशा की तरह इस हादसे में भी पुलिस की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। आम लोगों को ही हादसों से जूझना पड़ता है, जबकि जिम्मेदार विभाग मौके पर देर से पहुंचते हैं।

फिलहाल आग लगने के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है, लेकिन लोगों का गुस्सा पुलिस पर साफ झलक रहा है। उनका कहना है कि पुलिस महज कागजों पर कार्रवाई करती है, जबकि मौके पर उनकी भूमिका नदारद रहती है। यह घटना एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही की पोल खोलती है।
