
जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिला अस्पताल में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब बंदी वार्ड में इलाज के लिए भर्ती एक बंदी हथकड़ी से हाथ निकालकर फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही जिला अस्पताल चौकी पुलिस सक्रिय हो गई और फरार बंदी की तलाश शुरू कर दी गई।

फरार बंदी की पहचान पंचराम निषाद के रूप में हुई है, जिसे नवागढ़ पुलिस ने ठगी के मामले में गिरफ्तार किया था। बताया जा रहा है कि आरोपी पर प्रदेश के कई जिलों में ठगी के मामले दर्ज हैं और वह पहले भी जेल से भाग चुका है।

घटना के बाद जिला जेल और जिला अस्पताल के बयानों में विरोधाभास सामने आया है। जेलर का कहना है कि बंदी का हाथ फ्रैक्चर हुआ था और इलाज के लिए उसे अस्पताल भेजा गया था, जबकि सिविल सर्जन ने बताया कि बंदी को डायरिया और बुखार की शिकायत थी, जिसके चलते उसे भर्ती कराया गया था।

सिविल सर्जन के अनुसार, बंदी पंचराम निषाद को कल दोपहर डेढ़ बजे भर्ती कराया गया था। उसके साथ एक प्रहरी तैनात था। सुबह डॉक्टर ने दवाइयां लिखीं, जिन्हें लेने प्रहरी गया था। उसी दौरान बंदी हथकड़ी से हाथ निकालकर फरार हो गया। प्रहरी के लौटने पर घटना का खुलासा हुआ और तुरंत सूचना पुलिस को दी गई।

अस्पताल में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि बंदी किस रास्ते से भागा।
वहीं, जेल प्रशासन ने बताया कि बंदी को 7 नवंबर को हाथ में चोट लगने के बाद इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया था, और सुबह उसके फरार होने की सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस को रिपोर्ट दी गई है।
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गौरतलब है कि पंचराम निषाद पर आरोप है कि वह छड़, गिट्टी और सीमेंट व्यापारी बनकर अलग-अलग जिलों में लोगों से कम दाम पर सामान देने का झांसा देकर लाखों की ठगी करता था। फिलहाल, पुलिस ने फरार बंदी की तलाश तेज कर दी है और पूरे मामले की जांच जारी है।
