
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) को एक और बड़ी सफलता मिली है। ACB की टीम ने मस्तूरी में पदस्थ फूड इंस्पेक्टर को 90 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

आरोपी फूड इंस्पेक्टर पर आरोप है कि उसने एक स्व सहायता समूह को सरकारी उचित मूल्य दुकान का आवंटन दिलाने के बदले एक लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। मामले की शिकायत मिलने के बाद ACB ने सुनियोजित तरीके से ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया।

शिकायत सही पाई जाने पर बिछाया गया जाल
ACB अधिकारियों के मुताबिक ग्राम विद्याडीह निवासी महेंद्र पटेल ने 3 फरवरी 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि गांव की सरकारी उचित मूल्य दुकान पंचायत द्वारा संचालित की जा रही है, जिसे स्व सहायता समूह को सौंपने के लिए तीन महीने पहले आवेदन किया गया था। आवेदन की जांच रिपोर्ट और आवंटन आदेश जारी करवाने के एवज में फूड इंस्पेक्टर श्याम वस्त्रकार ने 1 लाख रुपए की मांग की थी। रिश्वत देने से इनकार करते हुए शिकायतकर्ता ने ACB से संपर्क किया।

महावीर सिटी स्थित घर से धराया आरोपी
शिकायत की पुष्टि के बाद ACB ने 21 फरवरी 2026 को ट्रैप प्लान तैयार किया। तय योजना के तहत शिकायतकर्ता 90 हजार रुपए लेकर बिलासपुर के महावीर सिटी स्थित फूड इंस्पेक्टर के घर पहुंचा। जैसे ही आरोपी ने रिश्वत की रकम ली, पहले से तैनात ACB टीम ने उसे मौके पर पकड़ लिया। टीम ने आरोपी के पास से रिश्वत की पूरी रकम भी बरामद कर ली है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज
ACB ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत कार्रवाई की जा रही है। यह इस वर्ष बिलासपुर में ACB की चौथी बड़ी ट्रैप कार्रवाई है। इससे पहले तहसीलदार, पटवारी, एसडीएम कार्यालय के बाबू और सीएसपीडीसीएल के अधिकारी-कर्मचारी भी ACB के शिकंजे में आ चुके हैं।
