अंबिकापुर/सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के लखनपुर थाना क्षेत्र में एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया है जिसने पूरे इलाके में हलचल मचा दी है। यहां एक शादीशुदा प्रेमी अपनी शादीशुदा प्रेमिका से आधी रात मिलने पहुंचा, लेकिन यह मुलाकात दोनों के लिए बेहद भारी पड़ गई। घरवालों ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया और फिर ऐसी सज़ा दी, जिसकी चर्चा पूरे गांव में हो रही है।

आधी रात हुई गुपचुप मुलाकात
जानकारी के अनुसार, तेलई कच्छार गांव निवासी शुभम राजवाड़े का अपनी प्रेमिका से शादी से पहले ही प्रेम प्रसंग चल रहा था। हालांकि किसी वजह से दोनों की शादी नहीं हो सकी और उनकी अलग-अलग शादी कर दी गई। इसके बावजूद दोनों के बीच संपर्क बना रहा। इसी कड़ी में सोमवार की रात शुभम अपनी प्रेमिका से मिलने उसके ससुराल पुहपुटरा गांव पहुंच गया। उस समय प्रेमिका का पति घर पर मौजूद नहीं था, लेकिन परिवार के अन्य सदस्य जाग रहे थे। उन्हें दोनों की हरकत पर शक हुआ और देखते ही देखते उन्होंने दोनों को रंगे हाथ पकड़ लिया।

रस्सी से बांधा और जमकर की पिटाई
गांववालों का कहना है कि घरवालों ने पहले दोनों को रस्सी से बांधा और फिर सबक सिखाने के लिए जमकर पिटाई की। घटना की खबर पूरे गांव में आग की तरह फैल गई और सुबह होते ही लोगों में इस मामले की चर्चा शुरू हो गई। मामला गंभीर होने के चलते गांव के बुजुर्गों ने पंचायत बुलाने का फैसला लिया।

पंचायत में खुला राज
मंगलवार को पूरे गांव की मौजूदगी में पंचायत बैठी। पंचायत में जब दोनों से पूछताछ की गई तो यह सच सामने आया कि शादी से पहले ही दोनों के बीच गहरा प्रेम संबंध था। शादी के बाद भी उनका मिलना-जुलना बंद नहीं हुआ। यह सुनकर पंचायत में मौजूद लोग भी हैरान रह गए।

पंचायत का चौंकाने वाला फैसला
पंचायत ने मामले की गंभीरता देखते हुए हैरान कर देने वाला फैसला सुनाया। पंचायत ने प्रेमिका को प्रेमी के हवाले करने का निर्णय लिया। फैसले के बाद महिला को उसके प्रेमी शुभम राजवाड़े के साथ भेज दिया गया। इस निर्णय के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।
पुलिस की भूमिका
इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी पुलिस तक भी पहुंची, लेकिन पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों की ओर से किसी तरह की शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। लिहाजा मामले में किसी तरह की एफआईआर नहीं की गई है। हालांकि यह मामला सामाजिक और कानूनी दोनों ही दृष्टि से सवाल खड़े कर रहा है।
गांव में चर्चा का विषय
गांव में लोग इस फैसले को लेकर अलग-अलग राय रख रहे हैं। कुछ इसे पंचायत का साहसी निर्णय बता रहे हैं, तो कुछ इसे परंपरा और कानून के खिलाफ मानते हैं। फिलहाल, यह घटना सरगुजा जिले में चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई है और लोग इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
