Wednesday, February 11, 2026
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साय कैबिनेट का बड़ा फैसला: ट्रांसफर पर से हटा बैन, दामाखेड़ा बना “कबीर धर्मनगर” – संत कबीर की धरती को मिला नया नाम, तय तिथियों में होंगे स्थानांतरण – जानिए बैठक के 9 अहम निर्णय….

बिलासपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास और प्रशासनिक सुधारों को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में लिए गए प्रमुख फैसलों पर एक नजर:

स्थानांतरण नीति 2025 को मिली मंजूरी

राज्य शासन की नई स्थानांतरण नीति 2025 को कैबिनेट की स्वीकृति मिल गई है। जिला स्तर पर स्थानांतरण 14 जून से 25 जून तक प्रभारी मंत्री की देखरेख में होंगे, जबकि राज्य स्तर पर विभागीय मंत्री की मंजूरी से स्थानांतरण किए जाएंगे।

आवेदन की अंतिम तिथि: 6 से 13 जून

सेवा अवधि न्यूनतम 2 वर्ष अनिवार्य

गंभीर बीमारी, अक्षमता और सेवानिवृत्ति से पहले एक वर्ष शेष होने पर विशेष सुविधा

अनुसूचित क्षेत्रों से स्थानांतरण के लिए एवजीदार अनिवार्य

तृतीय श्रेणी में अधिकतम 10% , चतुर्थ श्रेणी में 15% तक स्थानांतरण की सीमा

ई-ऑफिस के माध्यम से पारदर्शी आदेश जारी होंगे

स्थानांतरण के खिलाफ 15 दिन में राज्य स्तरीय समिति को अपील की जा सकेगी

25 जून के बाद स्थानांतरण पर पूर्ण प्रतिबंध

दामाखेड़ा का नाम “कबीर धर्मनगर दामाखेड़ा”

मुख्यमंत्री की पूर्व घोषणा के अनुसार ग्राम पंचायत दामाखेड़ा का नाम बदलकर “कबीर धर्मनगर दामाखेड़ा” किया गया। यह कदम कबीरपंथियों की आस्था को सम्मान देने की दिशा में एक बड़ा निर्णय माना जा रहा है।

ग्राम पंचायतों के नाम में बदलाव

गदहाभाठा का नाम अब सोनपुर

चण्डालपुर का नाम अब चन्दनपुर

नवा रायपुर में ‘कलाग्राम’ की स्थापना

छत्तीसगढ़ की लोककला, शिल्प और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के लिए नवा रायपुर में 10 एकड़ जमीन पर ‘कलाग्राम’ स्थापित किया जाएगा। यह शिल्पकारों और लोक कलाकारों के लिए एक स्थायी मंच होगा।

राष्ट्रीय तीरंदाजी अकादमी की स्थापना

नवा रायपुर में 13.47 एकड़ भूमि पर राष्ट्रीय तीरंदाजी अकादमी की स्थापना को मंजूरी दी गई। इसमें अत्याधुनिक आउटडोर-इनडोर रेंज, प्रशिक्षण केंद्र और आवासीय सुविधाएं होंगी।

किफायती जन आवास नियम 2025

निम्न और मध्यम वर्ग के लिए सस्ते भूखंड उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह नई नीति लागू की गई। इससे अवैध प्लाटिंग पर रोक लगेगी और रियल एस्टेट सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा।

“छत्तीसगढ़ युवा रत्न सम्मान योजना” की शुरुआत

राज्य में असाधारण योगदान देने वाले युवाओं और संगठनों को इस योजना के तहत हर साल सम्मानित किया जाएगा।

पुरस्कार राशि: व्यक्तिगत रूप से ₹2.5 लाख, संस्था को ₹5 लाख तक

15–29 वर्ष के मूल निवासी पात्र

शिक्षा, नवाचार, खेल, पर्यावरण, साहित्य, महिला-बाल विकास आदि क्षेत्रों में चयन

प्रशिक्षकों की भर्ती में डिप्लोमा शिथिलीकरण

खेल क्षेत्र में प्रशिक्षकों की भर्ती के लिए एक वित्तीय वर्ष के लिए राष्ट्रीय क्रीड़ा संस्थान, पटियाला के डिप्लोमा की शर्त में छूट दी गई है।

छत्तीसगढ़ होमस्टे नीति 2025-30

ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इस नीति को मंजूरी दी गई। खासकर बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में पर्यटन के जरिए स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। इन निर्णयों से साफ है कि राज्य सरकार प्रशासनिक पारदर्शिता, सांस्कृतिक समृद्धि और युवाओं के सशक्तिकरण की दिशा में गंभीरता से काम कर रही है।

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