
बिलासपुर। बिलासपुर रेल हादसे से जुड़ा एक और अहम अपडेट सामने आया है। रेलवे प्रशासन ने गंभीर लापरवाही की आशंका को देखते हुए असिस्टेंट लोको पायलट रश्मि राज को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। बताया जा रहा है कि जांच पूरी होने तक उनका सस्पेंशन जारी रहेगा। वर्तमान में रश्मि राज रेलवे हॉस्पिटल में भर्ती हैं, जहां हादसे में आई गंभीर चोटों का उनका इलाज चल रहा है। चिकित्सा दल की निगरानी में रहते हुए ही उनसे प्रारंभिक बयान दर्ज किए गए हैं।

सूत्रों के अनुसार, रेलवे सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) की विस्तृत जांच रिपोर्ट आने तक किसी भी निर्णय पर अंतिम मुहर नहीं लगाई जाएगी, लेकिन प्राथमिक स्तर पर जब तक पूरी जिम्मेदारी स्पष्ट नहीं हो जाती, तब तक रश्मि राज सेवा से बाहर रहेंगी। हादसे की जटिलता और तकनीकी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच टीम लोको पायलट के निर्णय, ट्रैक की स्थिति, सिग्नलिंग सिस्टम और कंट्रोल रूम के संवाद जैसे कई बिंदुओं पर गहराई से पड़ताल कर रही है।

इधर, प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाई की श्रृंखला जारी है। इससे पहले रेलवे ने वरिष्ठ विद्युत अभियंता (ऑपरेशनल) मसूद आलम को पद से हटा दिया था और उन्हें फोर्स लीव पर भेज दिया गया। उनकी जगह वरिष्ठ टीआरडी अभियंता विवेक कुमार को महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया है। माना जा रहा है कि विद्युत कर्षण प्रणाली और ओवरहेड लाइन से जुड़े तकनीकी पहलू भी जांच के दायरे में हैं, जिसके चलते यह प्रशासनिक कदम उठाया गया।

गौरतलब है कि 4 नवंबर को बिलासपुर के लाल खदान क्षेत्र में मेमू ट्रेन और मालगाड़ी की टक्कर ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया था। इस भीषण हादसे में 12 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी, जबकि कई यात्री गंभीर रूप से घायल हुए थे। असिस्टेंट लोको पायलट रश्मि राज भी फ्रैक्चर व अन्य गंभीर चोटों के साथ अस्पताल में भर्ती कराई गई थीं। अपोलो अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद उनसे जांच अधिकारियों ने विस्तृत पूछताछ की थी।
रेलवे प्रशासन का कहना है कि हादसे की हर छोटी-बड़ी कड़ी को जोड़कर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि चूक किस स्तर पर हुई—मानव त्रुटि, तकनीकी गलती या दोनों का संयोजन। जांच पूरी होने के बाद ही जिम्मेदारों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा, लेकिन फिलहाल अधिकारियों और कर्मचारियों पर लिए गए कदम यह संकेत दे रहे हैं कि रेलवे इस मामले को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाए हुए है।
