
आरंग। छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के आरंग क्षेत्र के मोहमेला गांव में रेत खदान को लेकर नया विवाद सामने आया है। रेत खदान की लाइसेंसधारी ने ग्राम पंचायत पर मनमानी और अवैध उत्खनन को संरक्षण देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले में एक कथित ऑडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें रेत लोडिंग के रेट और समय को लेकर बातचीत सुनाई दे रही है।

जानकारी के अनुसार, सरोज नेताम ने वर्ष 2023-24 में राज्य सरकार द्वारा जारी रेत खदान के टेंडर में भाग लिया था। टेंडर प्रक्रिया के तहत मोहमेला रेत खदान का लाइसेंस उन्हें दिया गया। खदान संचालन के लिए उन्होंने ग्राम पंचायत से एनओसी मांगी, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
लाइसेंसधारी का आरोप है कि पंचायत जानबूझकर एनओसी नहीं दे रही और खदान में अवैध रेत उत्खनन को संरक्षण दिया जा रहा है। पहले जहां ट्रैक्टर से रेत निकासी की जा रही थी, वहीं अब पोकलेन और जेसीबी मशीनों से हाईवा में रेत लोड की जा रही है। आरोप है कि सरपंच और सचिव प्रति हाईवा करीब 3000 रुपये की अवैध वसूली कर रहे हैं, जिससे सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है।
वायरल ऑडियो में लोडिंग का रेट तय होने का दावा
सोशल मीडिया पर वायरल एक ऑडियो में मोहमेला रेत खदान में मशीन से रेत लोडिंग के रेट तय होने की बात सामने आ रही है। ऑडियो में कथित तौर पर कहा जा रहा है कि 12 चक्का गाड़ी में 7000 रुपये और 10 चक्का गाड़ी में 5500 रुपये में रेत लोड की जा रही है। साथ ही शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक रेत लोडिंग की बात कही गई है, जबकि शासन के नियमों के अनुसार इस समय रेत उत्खनन प्रतिबंधित होता है।
सीएम से लेकर स्थानीय अधिकारियों तक शिकायत
रेत खदान की लाइसेंसधारी सरोज नेताम ने पूरे मामले की लिखित शिकायत मुख्यमंत्री, गृहमंत्री, रायपुर कलेक्टर, खनिज विभाग के अधिकारियों, आरंग एसडीएम, तहसीलदार और थाना प्रभारी को दी है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पहले सरपंच द्वारा ट्रैक्टर से रेत निकासी पर प्रति ट्रैक्टर 800 रुपये की अवैध वसूली की जा रही थी। अब मशीनों से हाईवा लोड कर प्रति गाड़ी 3000 रुपये तक की वसूली की जा रही है।
उन्होंने सवाल उठाया है कि इतने बड़े पैमाने पर अवैध खनन किसके संरक्षण में हो रहा है। साथ ही सरपंच, पूर्व सरपंच, पंचायत सदस्यों और सचिव के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
