
बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से एक बेहद चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है, जिसने प्रशासन की लापरवाही और लोगों की जान जोखिम में डालने वाली प्रवृत्ति दोनों को उजागर कर दिया है। तांदुला नदी पर बने एनीकट के ऊपर पानी उफान पर है, बावजूद इसके लोग बेखौफ होकर नदी पार करने से बाज नहीं आ रहे हैं।
गंभीर लापरवाही का आलम यह है कि ट्रैक्टर-ट्रॉली में बैठी करीब 10 से अधिक महिलाएं और बच्चे पानी के तेज बहाव को नजरअंदाज करते हुए नदी पार करते नजर आए। हैरानी की बात यह है कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा लगाए गए बैरिकेड को भी लोगों ने हटा दिया और अपनी जान जोखिम में डालकर तेज धारा में वाहन सहित उतर गए।
इतना ही नहीं, आसपास मौजूद छोटे-छोटे बच्चे भी नदी के बहाव में मस्ती करते दिखाई दिए। किसी भी पल संतुलन बिगड़ने पर बड़ा हादसा हो सकता था। हालांकि मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने समझाने की कोशिश की, लेकिन लापरवाह भीड़ पर इसका कोई असर नहीं पड़ा।

स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन केवल बैरिकेड लगाकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेता है। नदी के उफान पर आते ही लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यहां लगातार निगरानी और सख्त कार्रवाई की जरूरत है। अगर समय रहते ऐसी गतिविधियों पर रोक नहीं लगाई गई, तो किसी भी दिन बड़ी दुर्घटना घट सकती है।

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर क्यों लोग खतरे को जानते हुए भी अपनी और दूसरों की जान दांव पर लगाने से पीछे नहीं हटते। साथ ही प्रशासन की जिम्मेदारी है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए और लोगों को लगातार जागरूक करे।
