बिलासपुर। बिलासपुर जिले में बीते दिनों नगर निगम वार्ड क्रमांक 5 की पार्षद गायत्री साहू के नेतृत्व में वार्ड की मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर विकास भवन का घेराव किया गया था। इस लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन में सैकड़ों महिलाएं शामिल हुईं थीं।निगम प्रशासन के खिलाफ किए गए प्रदर्शन के बाद पार्षद और उनके पति सहित अन्य लोगों के खिलाफ दुर्भावना पूर्वक कार्रवाई की जा रही है।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष लक्ष्मीनाथ साहू ने बिलासपुर प्रेस क्लब में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान निगम प्रशासन द्वारा एक महिला पार्षद के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराना अलोकतांत्रिक और अन्यायपूर्ण है। विरोध प्रदर्शन के तुरंत बाद बदले की भावना से विपक्षी नेताओं पर तोड़फोड़ की कार्रवाई किया जाना भी दुर्भाग्यपूर्ण है।
साहू ने कहा कि चूंकि वे ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हैं और पार्षद गायत्री साहू उनकी पत्नी हैं, इसलिए उन्हें बदनाम करने के उद्देश्य से अवैध प्लॉटिंग की कार्रवाई में अनुचित रूप से घसीटा जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तिफरा क्षेत्र के खसरा क्रमांक 142 में 2.5 एकड़ अवैध प्लॉटिंग का जो आरोप लगाते हुए उनका नाम समाचार पत्रों में प्रकाशित कराया गया है, वह निराधार है। वास्तव में उस भूमि में उनके और भाइयों के नाम पर मात्र 60 डिसमिल कृषि भूमि दर्ज है, जिस पर न तो कोई विकास कार्य हुआ है और न ही क्रय-विक्रय।
उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से उनकी छवि धूमिल करने की साजिश है। साथ ही सवाल उठाया की
क्या लोकतंत्र में जनता की समस्याओं को उठाना अपराध है?
क्या जनता के मुद्दों पर आवाज उठाने वाले जनप्रतिनिधि के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी?
क्या निगम प्रशासन महिला जनप्रतिनिधियों का इसी प्रकार अपमान करता रहेगा?
लक्ष्मीनाथ साहू ने कहा कि की गई कार्रवाई से निगम प्रशासन पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। उसके बावजूद उनकी प्रताड़ना से जनता के हक की आवाज उठाने से हम लोग पीछे नहीं हटेंगे और जब-जब जनता की समस्याएं सामने आएंगी उसे पूरा करने के लिए हर स्तर का आंदोलन उनके द्वारा किया जाएगा।