
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अवैध अफीम की खेती के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देश पर कृषि विभाग में पदस्थ ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एकता साहू को निलंबित कर दिया गया है।

जानकारी के अनुसार, समोदा गांव में बड़े पैमाने पर अफीम की खेती मिलने के बाद कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कृषि विस्तार अधिकारी एकता साहू, पटवारी अनिता साहू और फसल सर्वेयर शशिकांत साहू को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर जवाब मांगा था। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कृषि विभाग के अधिकारियों ने अफीम की फसल को मक्का बताकर रिपोर्ट भेज दी थी। एकता साहू का जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर प्रशासन ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

ऐसे हुआ मामले का खुलासा
दरअसल पुलगांव क्षेत्र के जेवरा-सिरसा चौकी के अंतर्गत समोदा, झेंझरी और सिरसा गांव के बीच स्थित एक फार्म हाउस में अवैध खेती की सूचना पुलिस को मिली थी। सूचना मिलने पर 6 मार्च की शाम कलेक्टर और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
जांच में पता चला कि करीब 5 एकड़ 62 डिसमिल जमीन पर अफीम के पौधे लगाए गए थे, जिनकी कीमत लगभग 8 करोड़ रुपए आंकी गई। इसके बाद पुलिस ने राजस्व विभाग और तहसीलदार को सूचना देकर जमीन से जुड़े दस्तावेजों की जांच कराई।

बीजेपी नेता के फार्म हाउस में मिली खेती
पूछताछ में सामने आया कि यह फार्म हाउस बीजेपी नेता विनायक ताम्रकर का है। अफीम की खेती के लिए राजस्थान से मजदूर बुलाकर काम कराया जा रहा था।
मामले में पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर विनायक ताम्रकर, जोधपुर निवासी विकास बिश्नोई और मनीष ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं जब्त अफीम के पौधों की न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने सैंपलिंग की प्रक्रिया पूरी की गई।
फिलहाल पुलिस इस मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
