
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक ऐसा वाकया सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को हैरानी और उत्सुकता से भर दिया। कुसमुंडा क्षेत्र के विकास नगर, आईबीपी बस्ती में रहने वाले भगवान दास के घर पर उनकी गाय ने एक दुर्लभ और असामान्य बछड़े को जन्म दिया, जिसके दो सिर थे। इस तरह का जन्म बेहद कम होता है और वैज्ञानिक रूप से इसे पॉलीसेफली कहा जाता है, जिसमें भ्रूण का पूर्ण रूप से विभाजन नहीं हो पाता।

जैसे ही दो सिर वाले बछड़े के जन्म की खबर आसपास फैली, बस्तीवासियों का भारी जमावड़ा लग गया। स्थानीय लोगों के लिए यह किसी चमत्कार से कम नहीं था। कुछ लोग इसे प्रकृति का अद्भुत खेल मानकर देखने पहुंचे, तो कई लोग श्रद्धा से हाथ जोड़कर बछड़े को माथा टेकने लगे। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर कोई इस विचित्र घटना को अपनी आंखों से देखने के लिए उत्सुक दिखाई दिया।

स्थानीय लोगों के अनुसार, बछड़ा पूरी तरह से खड़ा भी नहीं हो पा रहा था और सांस लेने में भी उसे परेशानी हो रही थी। इसके बावजूद कई लोग इसे शुभ संकेत और ईश्वरीय कृपा मानकर पूजा-अर्चना करने लगे। लेकिन अफसोस, जन्म के कुछ ही समय बाद बछड़े की मौत हो गई। पशु चिकित्सकों का कहना है कि ऐसे जन्मों में जीवित रहने की संभावना बहुत कम होती है, क्योंकि शरीर के अंग सामान्य रूप से विकसित नहीं हो पाते।

बछड़े की मृत्यु के बाद भगवान दास और उनके परिवार ने सभी परंपराओं का पालन करते हुए पूजा-पाठ कर उसका अंतिम संस्कार किया। इस घटना की चर्चा पूरे इलाके में जारी है और लोग इसे लेकर वैज्ञानिक कारणों से लेकर धार्मिक मान्यताओं तक, तरह-तरह की बातें कर रहे हैं।
यह अनोखा मामला फिलहाल पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
