Saturday, March 28, 2026
Homeअन्य खबरेछत्तीसगढ़ के 17 जिलों में ग्रामीण आबादी वाले रहवासियों को मिलेगा मालिकाना...

छत्तीसगढ़ के 17 जिलों में ग्रामीण आबादी वाले रहवासियों को मिलेगा मालिकाना हक…

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वर्चुअल कार्यक्रम में पूरे देश में 57 लाख अधिकार अभिलेख करेंगे वितरण

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय धमतरी में आयोजित कार्यक्रम में होंगे शामिल

50 हजार से अधिक आबादी भूमि के रहवासियों को मिलेेंगे भूमि संबंधी रिकार्डस

रायपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की वर्चुअल उपस्थिति में 27 दिसंबर को छत्तीसगढ़ के 10 जिलों में स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों में ग्रामीण रहवासियों को मालिकाना हक देने के साथ रिकॉर्ड ऑफ राइट्स प्रदान किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी स्वामित्व योजना के तहत पूरे देश में 57 लाख से अधिक सम्पत्ति कार्ड का वितरण करेंगे। इनमें छत्तीसगढ़ के 17 जिलों के 50 हजार से अधिक सम्पत्ति मालिकों के भूमि संबंधी रिकार्डस शामिल हैं। स्वामित्व योजना में मालिकाना हक के साथ ही रिकॉर्ड ऑफ राइट्स प्रदान करने के लिए जिलों में समारोह का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन दोपहर 12:30 बजे से प्रारंभ होगा।

इन जिलों में आयोजित होंगे कार्यक्रम

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय धमतरी में आयोजित समारोह में शामिल होंगे। इसी प्रकार उपमुख्यमंत्री अरुण साव कोरबा, उपमुख्यमत्री विजय शर्मा दुर्ग, कृषि मंत्री  रामविचार नेताम बलरामपुर-रामानुजगंज, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल महासमुंद, वन मंत्री केदार कश्यप राजनांदगांव, उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, कबीरधाम, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल बलौदाबाजार-भाटापारा, वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी सरगुजा और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े सूरजपुर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगी। इसके अलावा 7 अन्य जिलों कोण्डागांव, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, गरियाबंद, जांजगीर-चांपा, बालोद, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी, सक्ती में भी स्वामित्व कार्डों का वितरण होगा।

स्वामित्व योजना के हैं कई लाभ

स्वामित्व योजना का उद्देश्य भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण के माध्यम से ग्रामीणों को संपत्ति का अधिकार प्रदान करना है। इस योजना में ड्रोन सर्वे और जीआईएस मानचित्रों की सहायता से भूमि रिकार्डस को सटीक बनाया जाएगा। भूमि संबंधी सर्टिफिकेट मिलने से भूमि संबंधी विवादों मे कमी आएगी। सम्पत्ति की खरीदी बिक्री और हस्तान्तरण आसान हो जाएगा। भूमि मालिकों को बैंकऋण मिलने में आसानी होगी। इसके अलावा शासकीय और सार्वजनिक सम्पत्ति को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।

योजना की शुरूआत 24 अप्रैल 2020 से

स्वामित्व योजना की शुरूआत 24 अप्रैल 2020 को ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों में ग्रामीण रहवासियों को मालिकाना हक देने के लिए हुई थी। देश के अब तक 3.17 लाख गांव में ड्रोन सर्वे पूरा किया गया है एवं 1.49 लाख गांव के लिए 2.19 करोड़ सम्पत्ति कार्ड तैयार किए गए है। छत्तीसगढ़ के सभी आबादी गांव में ड्रोन सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया है एवं 1384 गांवों में 1.84 लाख सम्पत्ति कार्ड तैयार किए गए है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Posts