
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में सोमवार को दुर्ग में कथित अफीम की खेती और धान खरीदी का मुद्दा जोरदार तरीके से गूंजा। कांग्रेस नेताओं ने शून्यकाल में दुर्ग जिले में भाजपा नेता के खेत में अफीम की खेती का मामला उठाते हुए स्थगन की मांग की।

नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने आरोप लगाया कि विनायक ताम्रकार के खेत में अफीम की खेती हो रही थी, लेकिन इस मामले में पुलिस ने कमजोर FIR दर्ज की और गिरफ्तारी में भी देरी की गई। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में प्रशासन और राजनीतिक संरक्षण की आशंका है। महंत ने तंज कसते हुए कहा कि प्रदेश को “धान का कटोरा” कहा जाता है, लेकिन अब इसे “अफीम का कटोरा” बनाया जा रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह घटना होली से ठीक पहले सामने आई थी, लेकिन इसे दबाने की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस ने इस मामले की स्वतंत्र जांच कराने और सदन की कार्यवाही स्थगित कर चर्चा कराने की मांग की।
धान खरीदी पर सदन में तीखी बहस
प्रश्नकाल के दौरान बस्तर में धान खरीदी का मुद्दा भी गरमाया। कांग्रेस विधायक लखेश्वर बघेल ने सवाल किया कि बस्तर में 44 हजार से ज्यादा किसानों से धान नहीं खरीदा गया। इनमें वन अधिकार पट्टाधारी, ऋणी और अऋणी किसानों की संख्या क्या है?
खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने जवाब देते हुए कहा कि 44,612 किसान धान खरीदी केंद्रों में धान बेचने ही नहीं आए। उन्होंने कहा कि पंजीयन कराने वाले सभी किसान अपना पूरा धान बेचने केंद्रों तक नहीं पहुंचते, जबकि जो किसान केंद्रों में आए उनका धान खरीदा गया।
इस जवाब पर विपक्ष ने कड़ा एतराज जताया। लखेश्वर बघेल ने कहा कि जो किसान कर्ज में है, वह धान बेचने क्यों नहीं जाएगा? यह सरकार की व्यवस्था की नाकामी है और धान खरीदी में बड़ा घोटाला हुआ है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी सरकार से यह बताने की मांग की कि कितने किसानों ने धान जमा किया और कितनों ने नहीं, साथ ही कितने किसानों से जबरन समर्पण कराया गया।
दिव्यांगजनों की पदोन्नति का मुद्दा भी उठा
भाजपा विधायक प्रमोद मिंज ने दिव्यांगजनों को पदोन्नति में आरक्षण को लेकर सवाल उठाया। इस पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि दिव्यांगजनों के लिए पदोन्नति में 3 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है, लेकिन अब तक किसी को पदोन्नति नहीं दी गई है।
मिंज ने कहा कि केंद्र सरकार का नियम 4 प्रतिशत आरक्षण का है और सुप्रीम कोर्ट ने भी इसी तरह के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पूछा कि पदोन्नति कब तक होगी।
धान खरीदी पर विपक्ष का वॉकआउट
धान खरीदी के मुद्दे पर सरकार के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष के विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। विपक्ष का आरोप है कि किसानों के साथ धान खरीदी में धोखाधड़ी हुई है, जबकि सरकार का कहना है कि जो किसान केंद्रों में धान बेचने पहुंचे, उनका धान खरीदा गया।
