
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) में अनुशासनहीनता और जूनियर छात्रों से दुर्व्यवहार करने वाले 25 एमबीबीएस छात्रों पर प्रबंधन ने बड़ी कार्रवाई की है। हॉस्टल में हंगामा और नियम तोड़ने के आरोप में इन छात्रों को अलग-अलग अवधि के लिए छात्रावास से निष्कासित किया गया है।

डीन डॉ. रमणेश मूर्ति के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई से मेडिकल कॉलेज परिसर में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि जूनियर छात्रों ने सीनियरों पर धमकाने और प्रताड़ना की शिकायत की थी। शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए 21 अक्टूबर को छात्रावास प्रबंधन समिति की बैठक बुलाई गई थी।
बैठक में तय हुआ कि अगर समय रहते अनुशासनहीन छात्रों पर सख्ती नहीं बरती गई तो स्थिति गंभीर हो सकती है। इसके बाद समिति ने 25 छात्रों को 3 माह से 6 माह तक के लिए हॉस्टल से बाहर करने का निर्णय लिया।

सबसे सख्त कार्रवाई एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के छात्र प्रखर प्रताप सिंह राठौर पर की गई है, जिसे लगातार चेतावनी देने के बावजूद सुधार नहीं लाने पर एक वर्ष के लिए हॉस्टल से निष्कासित किया गया है। प्रबंधन ने स्पष्ट कहा है कि भविष्य में इस तरह की हरकत दोहराने वालों को स्थायी रूप से बेदखल कर दिया जाएगा।
इन छात्रों पर हुई कार्रवाई
3 माह के लिए निष्कासन:
लोकेश ठाकुर, वेदांत सिंह, तिलक साहू, प्रामिश लकड़ा, श्रेयांश सिंह ठाकुर, संकेत सलारिया, नील भोमिया, कमलेश पटेल, पेकितो शू, शुभम पटेल, शुभम पवार, शरद अग्रवाल, रमेश प्रजापति, जलदीप, गौरव मिश्रा, जयदेव डहरिया, प्रतीक बघेल, सतीश गुप्ता।
6 माह के लिए निष्कासन:
आकर्ष सिन्हा, आदिम सिद्धिकी, आकाश राज सिंह, अजय यादव, संस्कार देवांगन, परमानंद कमल रवि।
प्रबंधन का सख्त संदेश
सिम्स प्रशासन ने साफ किया है कि हॉस्टल में अनुशासन भंग करने वालों के प्रति अब किसी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी। दीपावली से पहले भी छात्रों द्वारा हंगामे की घटनाएं सामने आई थीं, जिसके बाद प्रबंधन ने यह कड़ा फैसला लिया है।

