
बिलासपुर। बिलासपुर के मशहूर मौसाजी स्वीट्स एवं होटल ग्रुप पर स्टेट जीएसटी विभाग ने सोमवार को गोपनीय और रणनीतिक छापामार कार्रवाई की। दिलचस्प बात यह रही कि सुबह जीएसटी अधिकारी होटल में ग्राहक बनकर नाश्ता करने पहुंचे, वहीं शाम होते-होते सभी ब्रांचों में एक साथ दबिश दे दी गई।

सुबह नाश्ता… शाम को रेड की शुरुआत
सोमवार सुबह स्टेट जीएसटी के अधिकारी श्रीकांत वर्मा मार्ग स्थित ब्रांच में आम ग्राहकों की तरह पहुंचे।
नाश्ते के दौरान उन्होंने आंतरिक निरीक्षण किया और कार्रवाई की योजना तैयार की।
ठीक शाम 4:30 बजे शहर की सभी पांच ब्रांचों—गोलबाजार, सरकंडा (देवनंदन नगर), श्रीकांत वर्मा मार्ग, मंगला चौक और तिफरा—पर टीमें एक साथ पहुंच गईं।

दस्तावेज, कंप्यूटर–लैपटॉप कब्जे में
अलग-अलग अधिकारी अपनी-अपनी टीमों के साथ ब्रांचों में दाखिल हुए और तुरंत दस्तावेज़ों को सील कर लिया।
टीम ने व्यापक रूप से यह जांच की—
- रजिस्टर व पुराने-नए खाते
- फाइलें और लेजर
- बिल–पर्ची मिलान
- स्टाफ भुगतान रजिस्टर
- जीएसटी टैक्स एंट्री
- कंप्यूटर व लैपटॉप का डिजिटल लेनदेन डेटा
कई सिस्टम और दस्तावेजों को जब्त कर टीम रात 12 बजे तक जांच करती रही।

चार सदस्यीय टीम ने मुख्य ब्रांच पर की गहन पड़ताल
श्रीकांत वर्मा मार्ग स्थित मुख्य ब्रांच में ज्वाइंट कमिश्नर के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम ने गहन छानबीन की।
यहां सभी वित्तीय रिकॉर्ड, कर्मचारियों की पेमेंट डिटेल, ग्राहकों को जारी बिल और सॉफ्टवेयर में दर्ज लेनदेन का पूरा हिसाब देखा गया।
रात 10:30 बजे ज्वाइंट कमिश्नर लौट गए, लेकिन बाकी अधिकारी देर रात तक जांच में जुटे रहे।
जांच में क्या मिला? विभाग चुप
टीमों ने कई दस्तावेज और डिजिटल डेटा की प्रतियां अपने साथ ले लीं।
हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि छापे में क्या अनियमितताएं मिलीं, लेकिन शहर में बड़े पैमाने पर टैक्स हेराफेरी की चर्चा तेज है।
मौसाजी ग्रुप के सभी प्रतिष्ठानों पर इतनी व्यापक छानबीन पहली बार की गई है। विभाग की आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।
