
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में शनिवार को उस वक्त सियासी माहौल गर्म हो गया, जब भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन का घेराव करने की कोशिश की। यह पूरा घटनाक्रम दिल्ली में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान हुए विवादित विरोध प्रदर्शन के बाद सामने आया, जिसने अब छत्तीसगढ़ की राजनीति में भी तीखा रूप ले लिया है।
शंकर नगर चौक बना टकराव का केंद्र
भाजयुमो के सैकड़ों कार्यकर्ता अलग–अलग जिलों से रायपुर पहुंचे और कांग्रेस कार्यालय की ओर कूच करने लगे। हालांकि, कांग्रेस दफ्तर से पहले शंकर नगर चौक पर पुलिस ने भारी सुरक्षा बल तैनात कर टिन शेड और बैरिकेड्स लगाकर रास्ता रोक दिया। कार्यकर्ताओं ने आगे बढ़ने की कोशिश की, जिस पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कुछ देर तक धक्का–मुक्की और नोकझोंक की स्थिति बनी रही। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने सख्ती बरती, जिसके चलते कार्यकर्ता राजीव भवन तक नहीं पहुंच सके और अंततः बिना घेराव किए ही वापस लौट गए। इस दौरान शंकर नगर चौक और आसपास के इलाकों में लगभग आधे घंटे तक यातायात बाधित रहा। पुलिस को स्थिति संभालने के लिए अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा और लगातार समझाइश देकर प्रदर्शनकारियों को शांत किया गया।
एआई समिट विवाद बना प्रदर्शन की वजह
भाजयुमो नेताओं का कहना है कि दिल्ली में आयोजित एआई समिट के दौरान युवा कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं द्वारा टी-शर्ट उतारकर किया गया प्रदर्शन देश की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला और पूरी तरह अनुचित था। इसी के विरोध में रायपुर में यह घेराव कार्यक्रम आयोजित किया गया था। भाजयुमो का आरोप है कि कांग्रेस राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने का काम कर रही है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रदर्शन में ये रहे प्रमुख चेहरे
इस घेराव कार्यक्रम में भाजयुमो संगठन के कई प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे, जिनमें—
- राहुल टिकरिया – प्रदेश अध्यक्ष, भाजयुमो
- सिद्धार्थ शर्मा – प्रदेश कार्यसमिति सदस्य
- ब्रजेश शर्मा – जिला उपाध्यक्ष (बिलासपुर ग्रामीण)
- विभूति कश्यप – प्रदेश सोशल मीडिया प्रभारी
- अलिंद तिवारी – प्रदेश कार्यसमिति सदस्य
- राज कमल कश्यप जिला महामंत्री
इनके साथ रायपुर, बिलासपुर समेत प्रदेश के कई जिलों से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पहुंचे थे।
पीछे के रास्ते से घेराव की कोशिश, तीखी बहस
बताया गया कि कुछ भाजयुमो कार्यकर्ता तय रूट से अलग पीछे के रास्ते से राजीव भवन की ओर जाने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं से उनकी तीखी बहस हो गई। कांग्रेस नेता सुबोध हरितवाल ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि तय रूट छोड़कर पीछे के रास्ते से आना नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में आने के बाद भाजयुमो दादागिरी दिखा रहा है। इस बहस ने मौके पर तनाव का माहौल और बढ़ा दिया, हालांकि पुलिस ने समय रहते स्थिति को संभाल लिया।
बढ़ाई गई सुरक्षा, हालात रहे नियंत्रण में
पूरे घटनाक्रम को देखते हुए राजीव भवन और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन अलर्ट मोड पर दिखा। अंततः प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हुआ, लेकिन इस घटना ने दिल्ली में शुरू हुए एआई समिट विवाद को छत्तीसगढ़ की सियासत के केंद्र में ला खड़ा किया है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है, क्योंकि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही इसे लेकर आमने–सामने दिखाई दे रहे हैं।
