
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में अमेरी फाटक के पास बुधवार को एक ऐसा हादसा हुआ जिसने पुलिस की कार्यशैली पर कई सवाल खड़े कर दिए। टीआई अनिल अग्रवाल खुद अपनी कार चला रहे थे, लेकिन उसी दौरान सड़क पार कर रही एक महिला और पुरुष को कार से जोरदार टक्कर मार दी। आंखों देखा हाल बताने वाले लोगों के अनुसार, गाड़ी की रफ्तार तेज थी और टक्कर इतनी जबरदस्त कि महिला दूर तक सड़क पर घिसटती चली गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई।
हैरानी की बात यह रही कि हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने ही घायल महिला को उठाया और अस्पताल पहुंचाया, जबकि टीआई मौके पर खड़े रहकर सिर्फ अपनी सफाई देते दिखाई दिए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिम्मेदारी संभालने के बजाय पुलिस अधिकारी ने हादसा छिपाने की कोशिश की और घटनास्थल पर मौजूद लोगों को चुप रहने के लिए समझाने का प्रयास भी किया।
लोगों ने यह भी सवाल उठाए कि क्या टीआई इतनी तेज रफ्तार में सरकारी वाहन क्यों चला रहे थे और क्या हादसे के समय वे फोन पर बात कर रहे थे? फिलहाल इन बिंदुओं की जांच की मांग उठने लगी है।
इस घटना के बाद इलाके में पुलिस के खिलाफ गुस्सा देखने को मिला। लोगों का कहना है कि जब आम आदमी गलती करता है तो पुलिस कठोर कार्रवाई करती है, लेकिन जब गलती खुद पुलिस की हो, तो मामला दबाने की कोशिश की जाती है?
पुलिस विभाग इस हादसे की सिर्फ “औपचारिक” जांच करता दिख रहा है, जबकि जनता चाहती है कि टीआई अनिल अग्रवाल पर भी वही कार्रवाई हो जो किसी आम नागरिक पर होती। स्थानीय लोगों का साफ कहना है, कानून सभी के लिए बराबर होना चाहिए, फिर चाहे आरोपी आम आदमी हो या खुद कोई पुलिस अधिकारी।
