
बिलासपुर। जिला अस्पताल में कार्यरत स्टाफ नर्स मंजू पाटले को पुलिस ने ठगी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। मंजू ने अपने एक साथी के साथ मिलकर राजकिशोर नगर निवासी शरद चंद्र वर्मा और उनकी पत्नी को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर 4.59 लाख रुपये ठगे।

सरकारी नौकरी का झांसा देकर की ठगी
शरद वर्मा ने सरकंडा थाने में शिकायत दर्ज कराई कि 2022 में उनकी मुलाकात मंजू पाटले और उनके साथी सतीष कुमार सोनवानी से हुई थी। इन दोनों ने सरकारी मंत्रालय में नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया। सतीष ने खुद को मंत्रालय का अधिकारी बताया और धीरे-धीरे कई किस्तों में उनसे 4.59 लाख रुपये ले लिए। नौकरी न मिलने पर जब शरद ने पैसे वापस मांगे तो दोनों आरोपी टाल-मटोल करने लगे, जिसके बाद शरद ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

सहकर्मी नर्स से भी 8 लाख की ठगी
मंजू पाटले पर पहले भी ठगी का आरोप है। कुछ महीने पहले उसने अपनी सहकर्मी स्टाफ नर्स किरण बघेस से भी 8 लाख रुपये ठगे थे। किरण ने अपने रिश्तेदार को नौकरी दिलाने के नाम पर मंजू को यह रकम दी थी। इस मामले में भी तारबाहर थाने में 5 सितंबर 2024 को शिकायत दर्ज कराई गई थी। मंजू कुछ समय तक फरार रही, परंतु बाद में अग्रिम जमानत लेकर अस्पताल में ड्यूटी करने लगी थी।
ड्यूटी के दौरान गिरफ्तार
इस बार, सरकंडा पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मंजू पाटले को जिला अस्पताल से ही ड्यूटी के दौरान गिरफ्तार कर लिया और न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
