
कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में रविवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को गहरे शोक में डुबो दिया। चारामा थाना क्षेत्र के ग्राम उड़कुड़ा में तालाब में डूबने से एक ही परिवार के दो चचेरे भाई—लोमेश और आयुष—की दर्दनाक मौत हो गई। मासूम उम्र में हुई इस त्रासदी ने न सिर्फ परिजनों, बल्कि पूरे गांव को हिला दिया है।

घटना रविवार दोपहर करीब 2 बजे की बताई जा रही है। ग्राम उड़कुड़ा के जोगी गुफा के पास बने तालाब किनारे तीन छोटे बच्चे आपस में खेल रहे थे। खेल-खेल में लोमेश और आयुष तालाब के उथले हिस्से में उतरकर पानी में छींटाकशी करने लगे। दोनों बच्चों को शायद अंदाजा भी नहीं था कि कुछ कदम आगे पानी अचानक गहरा हो जाएगा। खेलते-खेलते दोनों धीरे-धीरे गहरे हिस्से की ओर बढ़ते गए और फिर देखते ही देखते पानी में डूबने लगे।

तीसरा बच्चा जो किनारे खड़ा था, अपने दोनों साथियों को पानी में संघर्ष करते देख भयभीत हो गया और जोर-जोर से रोते हुए मदद के लिए चिल्लाने लगा। बच्चे की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण कुछ ही क्षणों में तालाब की ओर दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने बिना देरी किए पानी में उतरकर दोनों बच्चों को बाहर निकाला और तुरंत अस्पताल ले जाने की कोशिश शुरू कर दी।

सूचना मिलते ही चारामा थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। समय बर्बाद न करते हुए दोनों मासूमों को चारामा अस्पताल लाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। यह सुनते ही अस्पताल में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव के लोग भी सदमे में हैं।

ग्राम उड़कुड़ा जैसे छोटे गांव में दो मासूमों की एक साथ हुई मौत ने घर-घर में मातम की स्थिति पैदा कर दी है। ग्रामीणों का कहना है कि तालाब के पास सुरक्षा के लिए किसी तरह के इंतजाम नहीं थे, और यह पहली बार नहीं है जब बच्चों के साथ ऐसी घटना हुई हो। ग्रामीण प्रशासन से सुरक्षा उपाय बढ़ाए जाने की मांग भी कर रहे हैं।
फिलहाल पुलिस ने घटना की जानकारी दर्ज कर आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है। लेकिन गांव में फैला शोक और परिवार का दर्द सालों तक याद रहने वाली इस घटना का मर्म हर किसी के दिल में छोड़ गया है।
