
गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिला से फूड पॉइजनिंग का एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिले के दो अलग-अलग ग्राम पंचायतों के कुल 44 ग्रामीण अचानक बीमार पड़ गए, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। सभी बीमार ग्रामीण एक शादी के चौथिया कार्यक्रम में शामिल होने गए थे, जहां सामूहिक रूप से भोजन करने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम से लौटने के कुछ ही घंटों बाद ग्रामीणों में उल्टी, दस्त, पेट दर्द और कमजोरी जैसी शिकायतें शुरू हो गईं। ग्राम पंचायत आमदी (द) के आश्रित गांव मोहलाई के 17 ग्रामीण और ग्राम पंचायत दर्रीपारा के बोइरगांव के 27 ग्रामीण इस फूड पॉयजनिंग की चपेट में आ गए। इस तरह दोनों गांवों को मिलाकर अब तक 44 लोगों के बीमार होने की पुष्टि हुई है।

मामले की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग तुरंत हरकत में आया। प्रभावित ग्रामीणों को नजदीकी उपस्वास्थ्य केंद्र कोसमी लाया गया, जहां विशेष चिकित्सा शिविर लगाकर उनका इलाज शुरू किया गया। स्वास्थ्य कर्मियों ने सभी मरीजों को प्राथमिक उपचार दिया और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराईं। कई मरीजों को ग्लूकोज और ओआरएस भी दिया गया ताकि डिहाइड्रेशन की स्थिति से बचाया जा सके।

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने न केवल इलाज शुरू किया, बल्कि प्रभावित गांवों में पहुंचकर भोजन के नमूनों और पानी की जांच की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। आशंका जताई जा रही है कि शादी समारोह में परोसे गए भोजन में खराब सामग्री या स्वच्छता की कमी के कारण यह स्थिति बनी हो सकती है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी वीएस नवरत्न ने बताया कि सूचना मिलते ही डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की एक टीम को कोसमी सेक्टर में तैनात कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि अब तक 40 से अधिक लोगों का उपचार किया जा चुका है और सभी मरीजों की हालत फिलहाल स्थिर है। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, हालांकि एहतियात के तौर पर निगरानी लगातार जारी रखी जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें और यदि किसी में भी फूड पॉयजनिंग के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें। साथ ही, जांच रिपोर्ट आने के बाद ही फूड पॉयजनिंग के सटीक कारणों का खुलासा हो पाएगा।
