
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के मस्तूरी विकासखंड के ग्राम मुकुंदपुर में आयोजित एक सामूहिक भोज के बाद बड़ी संख्या में लोग फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए। घटना के बाद गांव में हड़कंप मच गया। जानकारी के मुताबिक करीब 37 से 40 लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी, जिनमें महिलाएं, पुरुष और छोटे बच्चे भी शामिल हैं। सभी बीमारों को तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।

विवाह समारोह के भोज के बाद बिगड़ी तबीयत
बताया जा रहा है कि ग्राम मुकुंदपुर में एक विवाह समारोह के अवसर पर सामूहिक भोज का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में गांव के लोगों के साथ-साथ आसपास के गांवों से आए रिश्तेदार और मेहमान भी शामिल हुए थे। भोज में खाना खाने के कुछ ही समय बाद कई लोगों को उल्टी, दस्त और पेट दर्द जैसी शिकायतें होने लगीं। देखते ही देखते कई लोग बीमार पड़ गए, जिसके बाद ग्रामीणों ने तुरंत स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी।

37 लोगों को अस्पताल में कराया गया भर्ती
मस्तूरी के बीएमओ (ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर) डॉ. अनिल कुमार कंवर ने बताया कि सामूहिक भोज के बाद लोगों की तबीयत खराब होने की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम सक्रिय हो गई। बीमार लोगों को तत्काल मस्तूरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया।
मस्तूरी के विधायक प्रतिनिधि संतोष दुबे के अनुसार, कुल 37 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से 22 मरीजों, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं, को मस्तूरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती किया गया है, जबकि 15 अन्य मरीजों को पामगढ़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के लिए भेजा गया है।

स्वास्थ्य विभाग की टीम अलर्ट पर
घटना की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम को अलर्ट पर रखा गया है। डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की टीम लगातार मरीजों की निगरानी कर रही है। बीएमओ डॉ. कंवर ने बताया कि सभी मरीजों की हालत फिलहाल नियंत्रण में बताई जा रही है और उन्हें जरूरी दवाइयां व उपचार दिया जा रहा है।

भोजन के सैंपल की जांच की तैयारी
फूड पॉइजनिंग की घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग अब भोज में बने भोजन की जांच कराने की तैयारी कर रहा है। आशंका जताई जा रही है कि भोजन के खराब या दूषित होने के कारण लोगों की तबीयत बिगड़ी। जांच के लिए भोजन के सैंपल भी लिए जा सकते हैं, ताकि घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और गांव में एहतियात के तौर पर मेडिकल टीम भी तैनात रखी गई है। वहीं ग्रामीणों में इस घटना के बाद चिंता का माहौल बना हुआ है।
