
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक सरकारी स्कूल को निशाना बनाकर की गई तंत्र-मंत्र और तोड़फोड़ की घटनाओं से इलाके में सनसनी फैल गई है। असामाजिक तत्वों ने स्कूल परिसर में घुसकर जमकर उत्पात मचाया, जिससे शिक्षकों और मासूम बच्चों में भय का माहौल बन गया है।

केलाबाड़ी स्थित प्राइमरी एवं मिडिल स्कूल में बदमाशों ने बाउंड्रीवॉल तोड़कर प्रवेश किया और क्लासरूम में रखे फर्नीचर, लाइट, पंखों और बिजली के बोर्ड को नुकसान पहुंचाया। इतना ही नहीं, टेबल-कुर्सियों और अहम दस्तावेजों को आग के हवाले कर दिया गया। बोरिंग के केबल भी जलाए गए हैं, जिससे स्कूल की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।

बताया जा रहा है कि यह पहली घटना नहीं है। करीब एक सप्ताह पहले स्कूल परिसर और क्लासरूम के बाहर चुनरी, माला और गोबर-मिट्टी से तंत्र-मंत्र के निशान पाए गए थे। शिक्षकों ने उस समय पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन इसके बावजूद असामाजिक गतिविधियां नहीं रुकीं।

मिडिल स्कूल के बाद अब प्राइमरी स्कूल को भी निशाना बनाया गया है। इससे पहले बोरसी स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में भी प्राचार्य कक्ष के सामने तंत्र-मंत्र कर कोयल की बलि दिए जाने का मामला सामने आ चुका है। लगातार हो रही घटनाओं से पहली से आठवीं कक्षा तक पढ़ने वाले छोटे बच्चों में डर साफ देखा जा रहा है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, वहीं शिक्षक भी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

शिक्षकों का कहना है कि स्कूल की बाउंड्रीवॉल क्षतिग्रस्त होने के कारण रात के समय असामाजिक तत्व आसानी से अंदर घुस जाते हैं और क्लासरूम के ताले तोड़कर तोड़फोड़ करते हैं।
घटनाओं से परेशान होकर शिक्षकों ने पद्मनाभपुर थाने में एक बार फिर शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी का कहना है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
