
बिलासपुर। बिलासपुर जिले के बिल्हा क्षेत्र के ग्राम बोड़सरा में एक 13 वर्षीय छात्र ने मामूली बात पर गुस्से में आकर आत्महत्या कर ली। मृतक सुरेंद्र कुमार धृतलहरे, जो शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला बोड़सरा में कक्षा छठवीं का छात्र था, ने घर के कमरे में छत के लोहे के पाइप से गमछे का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली।

परिजनों के अनुसार, सुरेंद्र ईंटें तोड़कर धूल उड़ा रहा था, जिससे उसकी मां ने उसे डांटा। गुस्से में सुरेंद्र घर के अंदर गया और फांसी लगा ली। घटना की सूचना पर चकरभाठा पुलिस मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। इस घटना से गांव में शोक की लहर है।

गुस्से में बच्चों के आत्महत्या करने की बढ़ती घटनाएं चिंता का विषय

विशेषज्ञों का मानना है कि आज के बच्चे छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा होकर आत्मघाती कदम उठा रहे हैं। समाज को ऐसे बच्चों के मनोविज्ञान को समझने की जरूरत है। बच्चों को गुस्से पर काबू पाने के तरीके सिखाने के लिए परिवार और शिक्षकों को महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी।

छज्जे से लटकती जिंदगी: वार्ड 16 के लक्ष्मीनारायण ने की आत्महत्या
वहीं दूसरी ओर कुदूदंड क्षेत्र के वार्ड नंबर 16 में लक्ष्मीनारायण नामक व्यक्ति ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना उस समय हुई जब उनकी पत्नी राजकुमारी बेटे को स्कूल छोड़ने गई थी। लौटने पर उन्होंने अपने पति को छज्जे की रॉड से लटका पाया।
पड़ोसियों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची सिविल लाइन पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आत्महत्या का कारण अज्ञात है। पुलिस जांच कर रही है।

परिवार और समाज को आत्महत्या रोकने में निभानी होगी भूमिका
इस घटना ने पूरे मोहल्ले को सदमे में डाल दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि परिवार और समाज को आत्महत्या के पीछे के कारणों को समझने और समय रहते सहायता प्रदान करने की आवश्यकता है। संवाद और समर्थन ही ऐसे मामलों को रोकने का उपाय हो सकते हैं।
