
national highway 45 : गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। छत्तीसगढ़ से मध्यप्रदेश को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 45 पहली ही बारिश में जवाब दे गया। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही ज़िले में लगातार तीन दिनों से हो रही वर्षा ने इस बहुप्रतीक्षित हाईवे के घटिया निर्माण की कलई खोल दी है। जगह-जगह सड़क धंस गई है, और लगभग 20 फीट गहरे गड्ढे बन गए हैं। (national highway 45)

139 करोड़ की लागत, लेकिन निर्माण स्तर बेहद खराब?
कोलकाता की निर्माण कंपनी श्याम इंफ्रास्ट्रक्चर को केंदा घाट से डूंगरा गांव तक सड़क निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इस परियोजना पर करीब 139 करोड़ रुपयेbखर्च किए जा रहे हैं। लेकिन निर्माण में लापरवाही और भ्रष्टाचार इस कदर हावी रहा कि अर्थवर्क अधूरा रहते ही डामर बिछा दी गई। नतीजतन, हल्की बारिश में ही सड़क की नींव दरक गई।
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बेलपत-जोगिसर में सबसे बुरा हाल
जीपीएम जिले के बेलपत और जोगिसर गांव के पास सड़क की हालत सबसे खराब है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क का धरातल बिना मजबूत आधार के तैयार किया गया। इस क्षेत्र में कई स्थानों पर डामर की परतें उखड़ चुकी हैं और सड़क लगभग बैठ चुकी है।
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तकनीकी खामियां और इंजीनियरिंग की बड़ी चूक
स्थानीय नागरिकों और जानकारों का कहना है कि पूरे निर्माण में डिज़ाइन स्तर पर गंभीर खामियां हैं। जहां पुलिया बननी चाहिए थी, वहां निर्माण नहीं किया गया। नतीजा ये कि तेज बारिश और पहाड़ी जलधाराओं के बहाव से सड़कें कमजोर होकर धंस गईं।

प्रशासन मौन, जनता आक्रोशित
जनता में रोष है कि इतने बड़े बजट के बाद भी ऐसी लापरवाही कैसे हो सकती है। अभी तक ठेकेदार या जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। लोगों ने मांग की है कि निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर सख्त कार्यवाही की जाए।
मुख्य बिंदु:
1 NH-45 की पहली बारिश में बिगड़ी हालत
2 निर्माण में गुणवत्ता की अनदेखी
3 अर्थवर्क अधूरा, पुलिया निर्माण गायब
4 139 करोड़ की परियोजना सवालों के घेरे में
