Saturday, August 30, 2025
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Bridge under construction : अधूरा पुल बना मौत का रास्ता, बाइक समेत बह गया युवक — पीडब्ल्यूडी की लापरवाही उजागर, देखें VIDEO…

Bridge under construction : अधूरा पुल बना मौत का रास्ता, बाइक समेत बह गया युवक

Bridge under construction : कोरबा। जिले में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। उफनती नदियों और बहते नालों के बीच सोमवार को एक बड़ा हादसा उस वक्त टल गया, जब 20 वर्षीय युवक शंकर सिंह गोंड की बाइक तेज बहाव में लीलागर नदी में बह गई। युवक ने किसी तरह खुद को बचा लिया, लेकिन यह घटना प्रशासन और लोक निर्माण विभाग की लापरवाही पर सवाल खड़े कर रही है। (Bridge under construction)

यह भी पढ़ें :- Real estate fraud : नाम मृतक का, चेहरा किसी और का – रजिस्ट्री में हुआ बड़ा खेल! पांच आरोपी गिरफ्तार…

Bridge under construction : अंजनेय यूनिवर्सिटी

तीन फीट ऊपर से बह रहा था पानी, फिर भी पार करने की कोशिश

यह हादसा ग्राम नेवसा के पास हुआ, जहां लीलागर नदी का पुराना पुल पूरी तरह डूब गया था। पानी का बहाव इतना तेज था कि पुल से करीब तीन फीट ऊपर तक पानी बह रहा था। बावजूद इसके, शंकर सिंह गोंड ने बाइक से नदी पार करने का प्रयास किया। बीच पुल में पहुंचते ही तेज धार में उसकी बाइक बह गई, लेकिन युवक किसी तरह तैरकर बाहर निकल आया। स्थानीय लोगों की मदद से उसकी जान बच सकी। वहीं इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

यह भी पढ़ें :- Dongargarh student slapped : शिक्षिका के थप्पड़ से फटा 7वीं क्लास के छात्र का कान, सुनाई देना हुआ बंद, इलाज जारी, परिजन न्याय की मांग पर अड़े…

1.75 करोड़ की लागत, लेकिन पुल अब तक अधूरा

हैरानी की बात यह है कि इस पुल को लेकर पीडब्ल्यूडी ने करीब 1 करोड़ 75 लाख रुपये की लागत से नया पुल बनाने की योजना बनाई थी। एक साल से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन 60 मीटर लंबे इस पुल का निर्माण कार्य ठेकेदार की लापरवाही और विभागीय उदासीनता के कारण अधूरा पड़ा है।

यह भी पढ़ें :- BJP Mainpat event : मैनपाट में भाजपा का ‘साइलेंट शिविर’, नेताओं के मोबाइल बाहर – सीख अंदर..!

रोजाना हजारों की जिंदगी दांव पर

यह मार्ग बिलासपुर-सिपत को जोड़ता है और रोजाना हजारों ग्रामीण, छात्र-छात्राएं इसी रास्ते से आवाजाही करते हैं। बरसात के मौसम में जब पुराना पुल डूब जाता है, तो लोग अपनी जान जोखिम में डालकर इस उफनती नदी को पार करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों की मिलीभगत के कारण पुल निर्माण में जानबूझकर देरी की जा रही है।

गांव में उबाल, कार्रवाई की मांग तेज

हादसे के बाद गांव में रोष है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि अधूरा पुल निर्माण तुरंत पूरा कराया जाए और संबंधित ठेकेदार व अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कोई कदम नहीं उठाया गया तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

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