
बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से बड़ी खबर सामने आई है, जहां श्रद्धालुओं की जान पर बन आई। जिले के प्रसिद्ध पर्यटन एवं धार्मिक स्थल मां सियादेवी मंदिर में बारिश के मौसम में उमड़ी भीड़ के बीच लापरवाही का ऐसा नजारा देखने को मिला जिसने सभी को दहला दिया। मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को पुल पार करना होता है, लेकिन भारी बारिश से पानी का तेज बहाव पुल पर चढ़ गया। इस दौरान श्रद्धालु जोखिम उठाकर पुल पार करते नजर आए।
इसी बीच एक बड़ा हादसा टल गया। पुल पार कर रहे दो युवक अचानक पानी के तेज बहाव में बह गए। यह दृश्य वहां मौजूद ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने अपनी आंखों से देखा तो मौके पर हड़कंप मच गया। आनन-फानन में ग्रामीणों ने बहादुरी दिखाते हुए दोनों युवकों को बचाने के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया और किसी तरह दोनों की जान बचा ली। ग्रामीणों की सतर्कता और साहस से एक बड़ा हादसा टल गया, वरना स्थिति और भी भयावह हो सकती थी।
गौरतलब है कि हर साल बरसात के दिनों में मां सियादेवी मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। इसके बावजूद प्रशासनिक लापरवाही साफ झलकती है। मंदिर परिसर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था का कोई ठोस इंतजाम नहीं किया गया है। घटना स्थल पर न तो सुरक्षा कर्मी मौजूद थे और न ही श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर कोई पुख्ता व्यवस्था दिखाई दी।

इस घटना ने एक बार फिर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब यह जगह जिले के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों में गिनी जाती है, तब यहां सुरक्षा इंतजाम क्यों नहीं किए जाते? श्रद्धालुओं की जिंदगी को जोखिम में डालकर ऐसे हादसे कब तक घटते रहेंगे? स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन तुरंत स्थायी समाधान निकालते हुए मंदिर परिसर में सुरक्षा बलों की तैनाती करे और पुल व रास्तों पर सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित करे।
