
बिलासपुर। बिलासपुर में दशहरा पर्व से पहले रावण दहन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। सरकंडा के साइंस कॉलेज मैदान, जहां पिछले कई वर्षों से अरपांचल लोक मंच समिति द्वारा रावण दहन किया जाता रहा है, इस बार प्रशासन ने किसी और व्यक्ति को आयोजन की अनुमति दे दी है। इससे नाराज समिति के पदाधिकारियों ने प्रेसवार्ता कर प्रशासन पर दबाव में काम करने का गंभीर आरोप लगाया।

समिति के अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा ने कहा कि अरपांचल लोक मंच हर वर्ष परंपरा के अनुसार साइंस कॉलेज मैदान में रावण दहन करता आ रहा है। इस बार भी उन्होंने आवेदन दिया था, लेकिन अचानक प्रशासन ने राजेंद्र नगर निवासी सिद्धार्थ भारती को अनुमति दे दी। मिश्रा का कहना है कि 2 सितंबर को उन्हें पत्र जारी कर इसकी जानकारी दी गई, जबकि उनका आवेदन पहले से कॉलेज प्रबंधन के पास मौजूद था। उन्होंने सवाल उठाया कि जब एक आवेदन पहले से लिया गया था, तो दूसरा आवेदन क्यों स्वीकार किया गया।

प्रेसवार्ता में मिश्रा ने दावा किया कि अधिकारियों ने खुद स्वीकारा कि परमिशन देने में दबाव था। उन्होंने चेतावनी दी कि “भले ही जेल जाना पड़े, लेकिन रावण दहन वहीं किया जाएगा।” साथ ही उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा और विधायक सुशांत शुक्ला से भी इस मामले में मुलाकात की जाएगी।

सिद्धांशु मिश्रा ने यह भी स्पष्ट किया कि परंपरा और आस्था के सवाल पर किसी तरह का समझौता नहीं होगा। उन्होंने कहा कि जल्द ही इस पूरे दबाव के खेल का खुलासा किया जाएगा। फिलहाल इस विवाद के चलते दशहरा पर्व पर शहरवासियों की निगाहें प्रशासन के अगले कदम और साइंस कॉलेज मैदान में होने वाले आयोजन पर टिकी हुई हैं।
