
कोंडागांव। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के ग्राम ईरागांव से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया है। लंबे समय से चले आ रहे जमीनी विवाद ने आखिरकार खून-खराबे का रूप ले लिया। इस घटना में दो भतीजों ने अपने ही चाचा की बेरहमी से हत्या कर दी।

मिली जानकारी के अनुसार मृतक लच्छन मंडावी का अपने बड़े भाई लखमू मंडावी के साथ वर्षों से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। बार-बार होने वाले इस विवाद ने परिवार में गहरी रंजिश पैदा कर दी थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इसी रंजिश के चलते लखमू मंडावी के बेटे रामचरण और सरवन मंडावी ने अपने चाचा की हत्या की योजना बनाई।

घटना 2 सितंबर की बताई जा रही है। उस दिन लच्छन मंडावी किसी काम से घर से बाहर निकले थे। जैसे ही दोनों भाइयों को मौका मिला, उन्होंने अपने चाचा को अकेला पाकर धारदार हथियार से हमला कर दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने शव को छिपाने की नीयत से दूर बारदा नदी किनारे ले जाकर फेंक दिया।

परिजनों ने जब 4 सितंबर को लच्छन मंडावी की गुमशुदगी की रिपोर्ट इरागांव थाने में दर्ज कराई, तो उसी समय उन्होंने हत्या की आशंका भी जताई थी। पुलिस ने जब जांच शुरू की, तो 5 सितंबर की सुबह गांव के पास बारदा नदी किनारे मृतक का शव बरामद हुआ। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

पुलिस द्वारा पूछताछ के दौरान परिजनों और ग्रामीणों ने संदेह व्यक्त किया कि हत्या लच्छन मंडावी के भतीजों ने की है। इस आधार पर पुलिस ने दोनों संदेहियों को हिरासत में लिया। सख्ती से पूछताछ करने पर रामचरण और सरवन मंडावी ने अपराध कबूल कर लिया। उन्होंने स्वीकार किया कि लंबे समय से चले आ रहे विवाद और आपसी रंजिश के चलते उन्होंने चाचा की हत्या की और सबूत मिटाने के लिए शव को नदी में फेंका।

दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। इस पूरे मामले में केशकाल एसडीओपी अरुण नेताम ने बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पकड़ लिया और आगे की जांच जारी है।
यह घटना न केवल परिवार के भीतर आपसी मनमुटाव के खतरनाक अंजाम को दर्शाती है, बल्कि समाज में बढ़ते जमीनी विवादों की गंभीरता पर भी सवाल खड़े करती है।
