
खैरागढ़। छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ शहर के बालाजी अस्पताल पर इलाज के नाम पर ज्यादा पैसे वसूलने का गंभीर आरोप लगा है। ग्राम जोरातराई निवासी अजय देवदास ने अस्पताल प्रबंधन पर मनमानी बिलिंग करने की शिकायत की है।

अजय देवदास का कहना है कि उनकी पत्नी की बच्चेदानी में समस्या थी, जिसके लिए सबसे पहले वे गंडई अस्पताल गए थे। वहां सोनोग्राफी कराने के बाद वे घर लौट आए। इसके कुछ दिन बाद बालाजी अस्पताल के स्टाफ की ओर से उन्हें बार-बार फोन आने लगे और इलाज का खर्च 25 हजार रुपये बताया गया। अजय अपनी पत्नी को उपचार के लिए बालाजी अस्पताल ले गए।

आरोप है कि ऑपरेशन के बाद अस्पताल ने अचानक खर्च बढ़ाकर 35 हजार रुपये कर दिया। इतना ही नहीं, बाद में परिजनों को 67 हजार रुपये का कच्चा बिल थमा दिया गया। इससे पीड़ित परिवार ने अस्पताल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मरीज और परिजनों से अनावश्यक दबाव बनाकर मोटी रकम वसूली जा रही है।

वहीं, इस पूरे मामले पर अस्पताल प्रबंधन ने अपनी सफाई दी है। अस्पताल के डायरेक्टर दुष्यंत साहू ने बताया कि जब मरीज को यहां लाया गया था तब उसका ब्लड लेवल केवल चार था, जिसे बढ़ाकर आठ तक लाना पड़ा। हालत गंभीर होने के कारण इमरजेंसी में डॉक्टर बुलाना पड़ा। इसी वजह से ऑपरेशन थियेटर के चार्ज बढ़कर 40 हजार रुपये तक पहुंचे। इसके अलावा जांच और ऑक्सीजन का अलग से खर्च जोड़ा गया।

साहू ने यह भी कहा कि अभी तक मरीज पक्ष ने केवल 15 हजार रुपये जमा किए हैं और शेष रकम देने से इनकार कर रहे हैं। उनका दावा है कि जो भी खर्च लिया गया है, वह मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए सही है। इस घटना ने इलाके में निजी अस्पतालों की मनमानी फीस और मरीजों पर वित्तीय बोझ को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
