
बिलासपुर। बिलासपुर-रतनपुर मार्ग पर बड़ा हादसा टल गया। मां महामाया मंदिर में दर्शन कर लौट रहे कांग्रेस नेता और राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के काफिले से कुछ ही मिनट पहले सड़क पर एक विशालकाय पेड़ अचानक धराशायी हो गया। इस घटना से कुछ देर के लिए इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सचिन पायलट का काफिला महामाया मंदिर से लौटते समय रतनपुर रोड से गुजर रहा था। उसी दौरान सड़क किनारे खड़ा पुराना और जर्जर पेड़ अचानक गिर पड़ा। गनीमत रही कि यह घटना काफिले के वहां पहुंचने से कुछ ही पल पहले हुई, जिससे किसी तरह की जनहानि या वाहन दुर्घटना नहीं हुई। घटना के तुरंत बाद पुलिस और प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया और पेड़ हटवाने का कार्य शुरू किया गया।

हादसे की आशंका को देखते हुए अधिकारियों ने मौके पर ही काफिले का मार्ग बदल दिया और सुरक्षित रास्ते से उसे रूट डायवर्ट कर निकाला गया। इस दौरान यातायात भी कुछ समय के लिए प्रभावित रहा। लोगों का कहना है कि अगर यह पेड़ कुछ मिनट बाद गिरता तो बड़ा हादसा हो सकता था, क्योंकि काफिले में कई गाड़ियां शामिल थीं।

खास बात यह रही कि इस दौरान पायलट की गाड़ी खुद छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता टी.एस. सिंहदेव चला रहे थे। बताया जाता है कि दोनों नेता मंदिर दर्शन के बाद रायपुर की ओर लौट रहे थे।

इस घटना ने एक बार फिर सड़क किनारे खड़े पुराने और कमजोर पेड़ों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे खतरनाक पेड़ों की पहचान कर उन्हें समय रहते हटाया जाए, ताकि भविष्य में कोई बड़ी अनहोनी न हो।
गनीमत यही रही कि सचिन पायलट और टी.एस. सिंहदेव सहित पूरे काफिले के सभी लोग सुरक्षित बच गए और बड़ी दुर्घटना टल गई।
