
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। प्रेम प्रसंग के चलते एक युवक और युवती ने राताखार एनीकट डेम से कूदकर अपनी जान देने की कोशिश की। इस खौफनाक कदम के बाद युवक तो किसी तरह टापू में फंसकर बच गया, लेकिन युवती का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है। घटना का लाइव वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पुलिसकर्मी अपनी जान जोखिम में डालकर युवक को बचाने की कोशिश करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने इलाके के लोगों को दहशत और हैरानी में डाल दिया है।

जानकारी के मुताबिक, दोनों ने करीब 25 फीट ऊंचाई से छलांग लगाई थी। तेज बहाव के बीच युवक राहुल नामदेव टापू में जाकर फंस गया, जबकि युवती शीलू त्रिपाठी पानी के प्रवाह में बह गई। मौके पर खड़ी युवक की बाइक ने स्पष्ट कर दिया कि दोनों यहां योजनाबद्ध तरीके से पहुंचे थे। जब मछुआरों ने राहुल को टापू पर फंसा देखा, तो तुरंत पुलिस और 112 को सूचना दी।

घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और 112 की टीम मौके पर पहुंची। रेस्क्यू की कोशिश में पुलिसकर्मी खुद भी खतरे में आ गए। कोतवाली में पदस्थ चंद्रकांत गुप्ता और दो अन्य जवान युवक को बचाने के लिए नदी में कूद पड़े। इस दौरान चंद्रकांत गुप्ता तेज धार में फंसकर बहने ही वाले थे, लेकिन उनके साथी ने फुर्ती दिखाते हुए ट्यूब फेंककर उनकी जान बचाई।

हालात गंभीर होते देख नगर सेना की रेस्क्यू टीम और डीडीआरएफ को बुलाया गया। करीब पांच घंटे चले कठिन अभियान के बाद टापू में फंसे युवक राहुल को सुरक्षित बाहर निकाला गया। रेस्क्यू के बाद राहुल ने बताया कि वह काशी नगर का निवासी है और शीलू त्रिपाठी से लंबे समय से प्यार करता था। दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन युवती के परिजन इस रिश्ते के खिलाफ थे। राहुल ने भावुक होकर बताया कि उसके घर वाले तो मान गए थे, लेकिन शीलू के परिवार ने कड़ा विरोध किया। यही वजह थी कि उन्होंने इतना बड़ा कदम उठाया।

राहुल ने कहा, “कल मैं शीलू के घर गया था और उसकी मां से कहा था कि मैं आपकी बेटी से प्यार करता हूं। शायद घरवालों ने उसे डांटा या समझाया होगा। सुबह जब हम मिले, तो उसने अचानक कहा कि अब मर जाते हैं। उसी क्षण हमने डेम से छलांग लगा दी।”

राहुल ने आगे बताया कि शीलू एक डेंटल क्लीनिक में काम करती थी। घटना के वक्त वह घबराकर बेहोश हो गया और टापू में फंस गया, जबकि शीलू पानी के तेज बहाव में बह गई। इस समय गोताखोरों और पुलिस की संयुक्त टीम उसकी तलाश कर रही है।

इस बचाव अभियान में कोतवाली थाना की पेट्रोलिंग टीम के आरक्षक संदीप टंडन, रामधन पटेल, चंद्रकांत गुप्ता, सुनील सिंह, आलोक पांडे, डायल 112 के आरक्षक प्यारेलाल भारद्वाज और ड्राइवर पटेल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्थानीय ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों ने भी पुलिस और रेस्क्यू टीम की बहादुरी की जमकर सराहना की।
फिलहाल, पुलिस ने युवती की खोज तेज कर दी है। घटना ने न सिर्फ इलाके को स्तब्ध कर दिया है, बल्कि समाज में प्रेम प्रसंगों और पारिवारिक दबावों को लेकर एक बड़ी बहस को जन्म दे दिया है।
