
रायपुर। कांग्रेस प्रदेश प्रभारी महामंत्री को एसीबी द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद छत्तीसगढ़ की सियासत में गरमाहट आ गई है। मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि एसीबी के पास पुख्ता तथ्य मौजूद हैं, इसलिए नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने संकेत दिए कि भ्रष्टाचार के मामलों में सरकार सख्त रुख अपनाएगी।

इधर, कांग्रेस ने पलटवार करते हुए भाजपा सरकार पर कार्रवाई में भेदभाव का आरोप लगाया है। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने तीखे शब्दों में कहा कि क्या एसीबी नोटिस भेजने से पहले अरुण साव से अनुमति लेती है? यदि जांच पारदर्शी तरीके से चल रही है तो पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व महिला एवं बाल विकास मंत्री से भी पूछताछ क्यों नहीं की जा रही? उन्होंने दावा किया कि पूर्व में 1000 करोड़ रुपए का बड़ा घोटाला हुआ था, लेकिन उस पर कार्रवाई अब तक शुरू नहीं हुई।

दीपक बैज ने उपमुख्यमंत्री अरुण साव को नसीहत देते हुए कहा कि विपक्ष को घेरने के बजाय वे अपने विभाग के कामकाज पर ध्यान दें। प्रदेश में सड़कों की हालत खराब है, जगह-जगह गड्ढे हैं, लेकिन सरकार जनता की समस्याओं पर ध्यान देने की बजाय राजनीतिक प्रतिशोध में व्यस्त है।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद यह साफ है कि एसीबी नोटिस एक कानूनी मामला भर नहीं रहा, बल्कि अब यह सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी का कारण बन चुका है। आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराएगा या किसी नए मोड़ पर पहुंचेगा, यह देखना दिलचस्प होगा।
