
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर जिले से एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। पचपेड़ी थाना क्षेत्र में पदस्थ आरक्षक गजपाल जांगड़े रिश्वत लेते हुए कैमरे में कैद हो गया है। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि जांगड़े एक लाख पाँच हजार रुपए गिन रहा है। बताया जा रहा है कि उसने पीड़ित को आबकारी एक्ट में फंसाने की धमकी देकर पैसे ऐंठे।

जानकारी के मुताबिक, आरक्षक गजपाल जांगड़े ने पीड़ित से कुल 2 लाख रुपए की डिमांड की थी, लेकिन पीड़ित जोगी नायक बड़ी मुश्किल से जमीन गिरवी रखकर 1 लाख 5 हजार रुपए जुटा पाया। वीडियो में जोगी नायक की पत्नी कामिनी नायक कॉन्स्टेबल को पैसे सौंपती नजर आ रही हैं। इस दौरान नोटों की गड्डियां पलंग पर रखी हुई दिखाई देती हैं, जिनमें 500 के नोटों के बंडल साफ देखे जा सकते हैं। वीडियो में कामिनी नायक कहती भी सुनाई दे रही हैं कि उनके पास बस इतने ही पैसे हैं और इसके बदले उनके पति को छोड़ दिया जाए।
यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वायरल होते ही लोगों में पुलिस विभाग की कार्यशैली को लेकर गुस्सा और आक्रोश देखने को मिल रहा है। पीड़ित जोगी नायक ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और गृहमंत्री विजय शर्मा को पत्र लिखकर शिकायत दर्ज कराई है। उसने पत्र में गजपाल जांगड़े के अलावा अजय मधुकर, मुरीत बघेल और हरवेंद्र खुंटे जैसे अन्य पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की मांग की है।

वायरल वीडियो के मामले ने जब तूल पकड़ा, तो वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के संज्ञान में आते ही तुरंत कार्रवाई की गई। आरक्षक गजपाल जांगड़े को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही मामले की प्राथमिक जांच मुख्यालय स्तर पर कराने के आदेश दिए गए हैं।

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर प्रदेश की पुलिस व्यवस्था की पारदर्शिता और ईमानदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोग पूछ रहे हैं कि जब थानों में पदस्थ जिम्मेदार आरक्षक ही इस तरह अवैध रूप से धन वसूलेंगे, तो आम जनता को न्याय और सुरक्षा कौन दिलाएगा? फिलहाल, प्रशासन और पुलिस विभाग पर दबाव बढ़ गया है कि इस मामले में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
