
बेमेतरा। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की रजत जयंती पर आयोजित राज्योत्सव का मंच इस बार प्रशासनिक मर्यादा और राजनीतिक असहमति का केंद्र बन गया। जिले के मुख्य समारोह के दौरान उस वक्त माहौल गरमा गया, जब भाजपा के जनप्रतिनिधियों और कलेक्टर के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। स्थिति इतनी बिगड़ी कि विधायक दीपेश साहू, जिला भाजपा पदाधिकारी, पार्षद और अन्य जनप्रतिनिधि कार्यक्रम छोड़कर बाहर निकल गए। सांसद विजय बघेल की मौजूदगी में हुए इस विवाद ने पूरे आयोजन का माहौल तनावपूर्ण बना दिया।

जानकारी के अनुसार, राज्योत्सव का कार्यक्रम बेमेतरा के स्थानीय आयोजन स्थल पर चल रहा था। मंच पर जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधि मौजूद थे। इसी दौरान, किसी कार्य को लेकर कलेक्टर और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच कहासुनी हो गई। भाजपा नेताओं का आरोप है कि कलेक्टर ने न केवल वेटरों के साथ कठोर व्यवहार किया, बल्कि मंच पर मौजूद जनप्रतिनिधियों को भी ऊंचे स्वर में “पीछे बैठने” की बात कह दी। भाजपा नेताओं का कहना है कि यह टिप्पणी अपमानजनक थी और जनप्रतिनिधियों की गरिमा के खिलाफ थी।
भाजपा कार्यकर्ता ने बताया, “हम सभी मंच पर बैठे कार्यक्रम का आनंद ले रहे थे। कलेक्टर सर ने वेटरों को डांटते हुए हटाया और फिर हमें भी ऊंची आवाज में पीछे बैठने को कहा। यह व्यवहार किसी भी जनप्रतिनिधि के साथ उचित नहीं है। हमने यह बात विधायक दीपेश साहू को बताई। उन्होंने तुरंत प्रतिक्रिया दी और सभी कार्यकर्ताओं व पार्षदों के साथ कार्यक्रम से बाहर निकल गए।”
घटना के बाद भाजपा प्रतिनिधिमंडल रेस्ट हाउस पहुंचा, जहां उन्होंने आपात बैठक की। बताया जा रहा है कि सांसद विजय बघेल से मुलाकात के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। वहीं, जिले के कई भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस घटना को “जनप्रतिनिधियों का अपमान” बताया है और कलेक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
दूसरी ओर, जिला प्रशासन की ओर से अभी तक इस विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। सूत्रों का कहना है कि पूरा मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंच गया है और स्थिति को शांत करने के प्रयास जारी हैं।
