
रायपुर। भाजपा की कार्यशाला के बीच कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने सत्ताधारी दल पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया पूरी तरह से चुनाव आयोग का मामला है, लेकिन भाजपा इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रही है।

दीपक बैज ने कहा, “अगर विपक्ष सवाल उठाता है या मुद्दा सामने लाता है, तो भाजपा के विधायक और पूर्व विधायक तुरंत सफाई देने लगते हैं। आखिर चुनाव आयोग का प्रवक्ता भाजपा कब से बन गया?”
उन्होंने कहा कि SIR का असली मकसद मतदाता सूची का सत्यापन करना है, न कि मतदाताओं के नाम काटना या पक्षपातपूर्ण कार्रवाई करना। बैज ने आरोप लगाया कि भाजपा इस प्रक्रिया को भ्रम फैलाने के हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने मांग की कि चुनाव आयोग को भाजपा को नोटिस जारी कर स्पष्ट करना चाहिए कि वे आयोग की भूमिका क्यों निभा रहे हैं।
‘बिहार में कांग्रेस की हैसियत’ बयान पर बैज का पलटवार
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव द्वारा दिए गए बयान — “बिहार में कांग्रेस की कोई हैसियत नहीं है” — पर पीसीसी चीफ दीपक बैज ने करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा, “अरुण साव को पहले छत्तीसगढ़ की सड़कों की हालत देखनी चाहिए। प्रदेश में सड़कों की जगह तालाब बन चुके हैं। हर तरफ गड्ढे हैं, और जनता परेशान है, जबकि वे बिहार में जाकर बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं।”
बैज ने आगे कहा कि अरुण साव अपना विभाग तक नहीं संभाल पा रहे हैं। ऐसे में उनका दूसरे राज्यों पर टिप्पणी करना हास्यास्पद है। उन्होंने कहा, “भाजपा नेताओं को पहले अपने काम का लेखा-जोखा जनता को देना चाहिए, उसके बाद दूसरों पर सवाल उठाना चाहिए।”
कांग्रेस नेता ने भाजपा की भाषा शैली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा के नेताओं को अपनी ‘भाषा की मर्यादा’ का परीक्षण कर लेना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आज बिहार में भाजपा आरजेडी की पिछलग्गू पार्टी बन चुकी है, जो राजनीतिक अस्तित्व बचाने के लिए किसी भी गठबंधन में शामिल होने को तैयार है।
बिहार में भाजपा का ‘छत्तीसगढ़ कनेक्शन’ — बैज का व्यंग्य
छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने एक और बयान में भाजपा पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के लगभग सभी भाजपा नेता इन दिनों बिहार में डेरा डाले हुए हैं।
बैज ने तंज कसते हुए कहा, “छत्तीसगढ़ के प्रभारी बिहार से आते हैं, इसलिए उन्हें खुश करने के लिए भाजपा के नेता बिहार की गलियों तक पहुंच गए हैं। कोई अटेंडेंट्स दे रहा है, तो कोई हर दरवाज़े पर जाकर पैरवी कर रहा है। यह पूरा ऑपरेशन अपने ‘नंबर बढ़ाने’ की कोशिश है।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा छत्तीसगढ़ से पैसा निकालकर बिहार चुनाव में झोंक रही है। “पहले हिमाचल चुनाव के दौरान भाजपा खुद कहती थी कि छत्तीसगढ़ उनकी ATM है, अब तो पूरा बैंक ही बिहार लेकर चले गए हैं,” बैज ने व्यंग्य किया।
दीपक बैज ने कहा कि भाजपा नेताओं का यह व्यवहार बताता है कि पार्टी के भीतर नेतृत्व और दिशा दोनों का अभाव है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा की इस अंदरूनी राजनीति और संसाधनों के दुरुपयोग से जनता अब पूरी तरह वाकिफ हो चुकी है और आने वाले समय में इसका जवाब चुनाव में जरूर देगी।


