Wednesday, February 11, 2026
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बिलासपुर रेल हादसा: मेमू ट्रेन और मालगाड़ी में जोरदार टक्कर, 8 यात्रियों की मौत – रेस्क्यू जारी, ट्रेनों की आवाजाही धीरे-धीरे सामान्य…

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर रेलवे डिवीजन में मंगलवार को एक बड़ा रेल हादसा हो गया, जब कोरबा से बिलासपुर आ रही मेमू लोकल ट्रेन ने लालखदान स्टेशन के पास खड़ी मालगाड़ी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयानक थी कि मेमू ट्रेन का इंजन और पहला डिब्बा मालगाड़ी के गार्ड केबिन के ऊपर चढ़ गया। हादसे में ट्रेन के कई डिब्बे पटरी से उतर गए और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। यात्रियों की चीख-पुकार से पूरा इलाका गूंज उठा।

 हादसे में अब तक 8 यात्रियों की मौत की पुष्टि

शुरुआती जानकारी में 6 लोगों की मौत की आशंका जताई गई थी, लेकिन रात 8 बजे के बाद कलेक्टर संजय अग्रवाल ने हादसे में 8 लोगों की मौत की पुष्टि की। वहीं 17 यात्री घायल हुए हैं, जिनमें से 3 की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों को सिम्स, अपोलो और रेलवे अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।

 बचाव कार्य युद्धस्तर पर, NDRF मौके पर

हादसे के बाद बिलासपुर रेलवे प्रशासन, जिला प्रशासन, एनडीआरएफ और रेलवे पुलिस की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं। गैस कटर की मदद से ट्रेन ड्राइवर के शव को घंटों की मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया। रेलवे ने राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है। मौके पर 140 टन की ब्रेकडाउन क्रेन पहुंच चुकी है, जिसके जरिए क्षतिग्रस्त इंजन और डिब्बों को ट्रैक से हटाने की प्रक्रिया जारी है।

रेलवे की मुआवजा घोषणा

साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे ने हादसे में मृतकों के परिजनों को ₹10 लाख, गंभीर रूप से घायल यात्रियों को ₹5 लाख और सामान्य घायलों को ₹1 लाख की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।
रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी, डीआरएम और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार मौके पर डटे हुए हैं और ट्रैक की बहाली की निगरानी कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का बयान

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा,

“बिलासपुर के पास ट्रेन दुर्घटना का समाचार अत्यंत दुःखद है। मैंने बिलासपुर जिला कलेक्टर से जानकारी लेकर हरसंभव सहायता और राहत कार्य के निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों के साथ है।”

सरकार ने घायलों के इलाज के लिए सभी संसाधन उपलब्ध कराने और राहत-बचाव कार्यों को तेज़ करने के निर्देश दिए हैं।

 हादसे की जांच उच्चस्तरीय कमेटी करेगी

रेल प्रशासन ने घोषणा की है कि इस हादसे की विस्तृत जांच रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) के स्तर पर कराई जाएगी, ताकि घटना के कारणों की पूरी पड़ताल की जा सके और भविष्य में इस तरह की त्रासदी से बचा जा सके।

 ट्रेनों की आवाजाही पर असर

हादसे के बाद अप लाइन पूरी तरह बाधित रही, जबकि देर रात तक डाउन लाइन पर ट्रेनों का परिचालन शुरू कर दिया गया है। अप लाइन को क्लियर करने की कवायद तेज़ी से जारी है। ट्रैक की फिटनेस जांच के बाद ही इस लाइन पर परिचालन फिर से शुरू होगा। कई ट्रेनों को डायवर्ट किया गया है ताकि यात्रियों को कम से कम असुविधा हो।

 जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर

रेल प्रशासन ने यात्रियों और परिजनों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं —
बिलासपुर: 7777857335, 7869953330
चांपा: 8085956528
रायगढ़: 9752485600
पेंड्रा रोड: 8294730162
कोरबा: 7869953330
उस्लापुर: 7777857338

रेलवे ने कहा है कि वह स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए है और प्रभावित यात्रियों को हरसंभव मदद प्रदान की जा रही है।

फिलहाल, बिलासपुर का लालखदान स्टेशन हादसे का केंद्र बना हुआ है। ट्रैक की मरम्मत और अप लाइन को बहाल करने की कोशिशें जारी हैं। रेलवे, प्रशासन और एनडीआरएफ की टीम राहत कार्य में जुटी हुई हैं। हादसे की भयावहता ने एक बार फिर रेल सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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