Wednesday, February 11, 2026
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लाल खदान रेल हादसे के बाद भी नहीं चेता रेलवे, बिलासपुर में दो मालगाड़ी और एक यात्री ट्रेन आमने-सामने, यात्रियों के आगे-पीछे खड़ी हुई मालगाड़ियां, डर के मारे ट्रेन से कूदे यात्री…

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर रेल मंडल में हाल ही में हुए भीषण रेल हादसे के बाद अब फिर से रेल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। कोरबा-बिलासपुर रूट पर हुए उस दर्दनाक हादसे में जहां मेमू ट्रेन और मालगाड़ी की टक्कर में 12 यात्रियों की मौत हो गई थी और कई घायल हुए थे, वहीं अब एक बार फिर वैसी ही लापरवाही सामने आई है।

जानकारी के मुताबिक, कोटमीसोनार और जयरामनगर स्टेशन के बीच एक ही ट्रैक पर तीन ट्रेनें आमने-सामने आ गईं। इनमें दो मालगाड़ियां और एक यात्री ट्रेन शामिल थीं। यह देखकर यात्रियों के होश उड़ गए। बताया जा रहा है कि यात्री ट्रेन के आगे और पीछे दोनों ओर मालगाड़ियां खड़ी थीं, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। डर के माहौल में कई यात्री ट्रेन से उतरकर पटरी के किनारे खड़े हो गए।

यह घटना उस समय और गंभीर हो जाती है जब याद किया जाए कि सिर्फ कुछ दिन पहले ही लाल खदान स्टेशन के पास मालगाड़ी और मेमू लोकल की भीषण टक्कर हुई थी, जिसमें दर्जनों लोगों की जान गई और रेल यातायात कई घंटों तक ठप रहा था। उस हादसे के बाद रेलवे ने जांच और सुरक्षा समीक्षा के बड़े-बड़े दावे किए थे, लेकिन अब फिर से एक ही ट्रैक पर तीन ट्रेनों के आमने-सामने आने की घटना ने उन सभी दावों की पोल खोल दी है।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यात्री ट्रेन को अचानक बीच रास्ते रोका गया था। कुछ मिनटों बाद जब यात्रियों ने बाहर झांका, तो सामने और पीछे दोनों दिशाओं में मालगाड़ी खड़ी देखी। तुरंत यात्रियों में हड़कंप मच गया और उन्होंने शोर मचाना शुरू कर दिया। रेलकर्मियों को जब स्थिति का अंदाजा हुआ तो तुरंत नियंत्रण कक्ष को सूचना दी गई और ट्रैफिक कंट्रोल ने दोनों मालगाड़ियों को अन्य लाइन पर भेजने की प्रक्रिया शुरू की।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सिग्नलिंग सिस्टम में तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि कोई बड़ा हादसा होने से पहले ही स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया, लेकिन यह घटना रेल सुरक्षा तंत्र की गंभीर खामियों को उजागर करती है।

स्थानीय लोगों और यात्रियों ने मांग की है कि हालिया हादसे और इस घटना को एक साथ जोड़कर व्यापक जांच की जाए, ताकि दोषियों की पहचान हो सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

स्पष्ट है कि बिलासपुर रेल मंडल में यात्रियों की सुरक्षा अब सबसे बड़ा सवाल बन चुकी है। हालिया हादसे के घाव अभी भरे भी नहीं थे कि एक और लापरवाही ने लोगों के बीच डर और आक्रोश दोनों बढ़ा दिए हैं।

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