
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अपराधियों के हौसले इस कदर बढ़ गए हैं कि अब आम नागरिकों में भय और असुरक्षा की भावना गहराती जा रही है। पिछले 10 दिनों में दुर्ग जिले से पांच हत्याओं की खबरें सामने आ चुकी हैं, जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी कड़ी में बीती रात मोहन नगर थाना क्षेत्र के शंकर नगर, गली नंबर 3 में एक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान चुनचुन विश्वकर्मा के रूप में हुई है, जिसकी चाकू से गोदकर हत्या की गई।

मिली जानकारी के अनुसार, रात करीब 1 बजे चुनचुन विश्वकर्मा अपने घर में सो रहा था। इसी दौरान चार युवक उसके घर के बाहर पहुंचे और उसका नाम लेकर आवाज देने लगे। आवाज सुनकर जब चुनचुन बाहर निकला, तो युवकों ने पहले उसे गालियां दीं और फिर विवाद करने लगे। बात बढ़ने पर उनमें से एक युवक ने अपनी जेब से चाकू निकाला और चुनचुन के सीने और पेट पर कई वार कर दिए। खून से लथपथ चुनचुन मौके पर ही गिर पड़ा। शोर सुनकर परिवार और आस-पड़ोस के लोग बाहर आए, लेकिन तब तक आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो चुके थे।

घटना के बाद घायल को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। फिलहाल पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि मृतक और आरोपियों के बीच पहले से किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था, जिसे लेकर यह खूनी वारदात अंजाम दी गई। इस सनसनीखेज हत्या की खबर से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बीते कुछ महीनों से क्षेत्र में अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन पुलिस की गश्त और निगरानी में कोई ठोस सुधार नहीं दिख रहा है।

एसएसपी ने की सख्त कार्रवाई
लगातार बढ़ते अपराध और पुलिस की लापरवाही पर सवाल उठते देख एसएसपी दुर्ग ने बड़ी कार्रवाई की है। कोतवाली थाना प्रभारी तपेश्वर नेताम को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया गया है। उनकी जगह नवीन कुमार को नया थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है। एसएसपी ने कहा है कि जिले में कानून व्यवस्था को बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पुलिस ने इस हत्या के मामले में कई टीमों को आरोपियों की तलाश में लगा दिया है। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही अपराधियों की गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है।
इस घटना के बाद एक बार फिर यह सवाल उठ रहा है कि आखिर दुर्ग जिले में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद क्यों हैं, और क्या पुलिस अपराध पर लगाम लगाने के लिए पर्याप्त कदम उठा पा रही है या नहीं। जनता अब पुलिस प्रशासन से ठोस कार्रवाई और सुरक्षा की उम्मीद कर रही है।
