बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर जिले के तखतपुर में सतनामी समाज के विरोध प्रदर्शन के बाद कथावाचक आशुतोष चैतन्य महाराज ने एक वीडियो जारी कर अपने बयान पर माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि उनके शब्दों से यदि किसी समाज की भावनाएं आहत हुई हैं, तो वे खेद व्यक्त करते हैं। उनका उद्देश्य किसी को ठेस पहुँचाना नहीं था।

दरअसल, घटना के बाद बुधवार को सतनामी समाज के सैकड़ों लोग तखतपुर थाने पहुंचे और कथावाचक के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने थाने का घेराव करते हुए तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। भीड़ के बढ़ते दबाव को देखते हुए पुलिस ने आशुतोष चैतन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।

पुलिस ने समाज की शिकायत पर कथावाचक आशुतोष चैतन्य महाराज के खिलाफ धारा 353 (2) के तहत अपराध दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
बवाल बढ़ने के बाद कथावाचक आशुतोष चैतन्य ने वीडियो जारी करते हुए कहा—
“मेरे शब्दों से यदि किसी समाज की भावनाएं आहत हुई हैं, तो मैं खेद व्यक्त करता हूँ। मेरा उद्देश्य किसी को ठेस पहुँचाना नहीं था।”
इधर, सतनामी समाज ने कथावाचक की माफी को अपर्याप्त बताया है। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा है कि जब तक गिरफ्तारी नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर जल्द कार्रवाई की मांग की है।

एडिशनल एसपी ग्रामीण अर्चना झा ने बताया कि, “मामले में वैधानिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा रही है। साक्ष्य संकलन जारी है और जिला अभियोजन अधिकारी से विधिक राय मांगी गई है। राय मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।”
प्रशासन ने meanwhile लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि कानून के दायरे में रहकर न्याय किया जाएगा और किसी को भी कानून से ऊपर नहीं माना जाएगा।
