
रायपुर। छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड लगातार बढ़ती जा रही है, जिसका सीधा असर बच्चों की सेहत और स्कूल पहुंचने की क्षमता पर पड़ रहा है। बदलते मौसम और गिरते तापमान को देखते हुए प्रदेश के कई जिलों में कलेक्टरों द्वारा विद्यालयों के समय में संशोधन किया जा रहा है। इसी क्रम में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम) और अंबिकापुर जिले में भी शाला संचालन समय में बड़ा बदलाव लागू कर दिया गया है, ताकि छात्र कड़ी ठंड से सुरक्षित रह सकें।
जीपीएम जिले में नए समय का आदेश जारी
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में अत्यधिक ठंड और घने कोहरे की स्थिति को देखते हुए कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी ने 20 नवंबर 2025 से सभी शासकीय, अशासकीय एवं अनुदान प्राप्त विद्यालयों के संचालन समय में परिवर्तन किया है। आदेश के अनुसार:
दो पाली वाले स्कूल
- प्रथम पाली: सोमवार से शनिवार – सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक
- द्वितीय पाली: सोमवार से शनिवार – दोपहर 12:45 बजे से शाम 4:15 बजे तक
एक पाली वाले स्कूल
- सोमवार से शनिवार – सुबह 10:30 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक
यह आदेश 31 जनवरी 2026 तक प्रभावी रहेगा। प्रशासन का कहना है कि इन संशोधित समयों से बच्चों को सुबह की ठिठुरन से राहत मिलेगी और स्कूल पहुंचना सुरक्षित होगा।
अंबिकापुर जिले में भी शाला समय में परिवर्तन
अंबिकापुर कलेक्टर विलास भोसकर ने भी जिले में बढ़ती ठंड और स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी प्रकार के विद्यालयों (शासकीय, अशासकीय, अनुदान प्राप्त और निजी स्कूल) के समय में संशोधन किया है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।
दो पाली वाले विद्यालय
- सोमवार से शुक्रवार (प्रथम पाली): सुबह 8:30 से 12:00 बजे तक
- शनिवार (प्रथम पाली): दोपहर 12:15 से 4:15 बजे तक
- सोमवार से शुक्रवार (द्वितीय पाली): दोपहर 12:15 से 4:15 बजे तक
- शनिवार (द्वितीय पाली): सुबह 8:30 से 12:00 बजे तक
एक पाली वाले विद्यालय
- सोमवार से शुक्रवार: सुबह 10:00 से शाम 4:00 बजे तक
- शनिवार: सुबह 8:30 से दोपहर 12:00 बजे तक
कलेक्टर भोसकर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी विद्यालय संशोधित समय का कड़ाई से पालन करें। प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे बच्चों को ठंड से बचाव के लिए पर्याप्त गर्म कपड़े पहनाकर ही स्कूल भेजें।
प्रदेश में ठंड को देखते हुए सावधानी के निर्देश
दोनों जिलों के प्रशासन ने माना कि हाल के दिनों में तापमान में तेज गिरावट हुई है, सुबह के समय कोहरा बढ़ा है और इससे बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए छात्रहित में शाला समय आगे बढ़ाने या बदलने का निर्णय लिया गया है।
जिला प्रशासन ने यह भी कहा है कि यदि तापमान और गिरता है या मौसम और खराब होता है, तो भविष्य में और बदलाव किए जा सकते हैं। सभी स्कूलों को सतर्क रहने और बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने की सलाह दी गई है।
यह कदम प्रदेश में जारी ठंड की स्थिति को देखते हुए छात्रों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।


