
कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले के लोहारा ब्लॉक में किसानों की परेशानी उस समय उफान पर पहुंच गई, जब धान बेचने के लिए टोकन जारी नहीं होने से सैकड़ों किसान हताश और नाराज़ नजर आए। जानकारी के अनुसार, सोमवार को बड़ी संख्या में किसान तहसील कार्यालय पहुंचे और परिसर का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने आरोप लगाया कि धान खरीदी केंद्रों में व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा चुकी हैं, जिससे उन्हें धान बेचने में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

इसी दौरान संयोग से उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा का काफिला वहां से गुजर रहा था। भारी भीड़ और किसानों की नाराजगी देखकर डिप्टी सीएम ने अपना वाहन रुकवाया और जमीन पर बैठकर ही किसानों से सीधे बात की। किसानों ने शिकायत की कि खरीदी केंद्रों में टोकन जारी नहीं हो रहे हैं, जिससे वे धान बेच नहीं पा रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने दो पटवारियों पर दुर्भाव व्यवहार और लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए।

डिप्टी सीएम ने किसानों की बातें ध्यानपूर्वक सुनीं और तत्काल कार्रवाई दिखाते हुए मौके पर ही कुरुवा में पदस्थ हल्का नंबर 15 के पटवारी राजेश शर्मा को निलंबित करने का आदेश दे दिया। स्थानीय प्रशासन ने आदेश का तुरंत पालन करते हुए वहीं पर निलंबन आदेश की कॉपी किसानों को सौंप दी। कार्रवाई से किसानों में संतोष देखा गया और उन्होंने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया।

विजय शर्मा ने किसानों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार धान बेचने वाले हर किसान के साथ खड़ी है और किसी किसान को धान बेचने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर केंद्र पर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और टोकन जारी करने की प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी न हो।
किसानों का कहना है कि धान खरीदी की तारीख बढ़ाने की भी आवश्यकता है, क्योंकि टोकन और अव्यवस्था के कारण कई किसान अब तक अपना धान बेच ही नहीं पाए हैं। वहीं जिला प्रशासन और राजस्व विभाग पर लापरवाही के गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जो इस घटना से स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, तत्काल कार्रवाई से किसानों में राहत की भावना है और उम्मीद जगी है कि आने वाले दिनों में धान खरीदी प्रक्रिया सुचारू रूप से चलेगी।
