
राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था को लेकर सामने आई गंभीर अनियमितताओं पर प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। धान उपार्जन में कथित धांधली और बिचौलियों से मिलीभगत के आरोपों के बाद खाद्य निरीक्षक सिद्धांत मिश्रा को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई कलेक्टर जितेंद्र यादव की अनुशंसा पर खाद्य संचालक डॉ. फरिहा आलम द्वारा की गई।

शिकायतें मिलने के बाद कलेक्टर ने पूरे मामले की जांच करवाई थी। जांच में यह सामने आया कि धान खरीदी के दौरान कोचियों और बिचौलियों को लाभ पहुंचाने में खाद्य निरीक्षक की भूमिका संदिग्ध रही। खास तौर पर डोंगरगढ़ क्षेत्र में बड़ी मात्रा में अवैध धान पाए जाने के बाद प्रशासन की नजर सिद्धांत मिश्रा पर गई। पहले उन्हें वहां से हटाकर मुख्यालय से अटैच किया गया और फिर विस्तृत जांच के निर्देश दिए गए।

राजनांदगांव जिला पड़ोसी राज्य की सीमा से सटा होने के कारण बाहरी धान की आवक रोकना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है। कलेक्टर जितेंद्र यादव ने पहले ही स्पष्ट निर्देश जारी किए थे कि केवल वास्तविक किसानों से ही समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की जाए और बाहरी धान व बिचौलियों पर कड़ी निगरानी रखी जाए। इन निर्देशों के बावजूद लापरवाही और अनियमितता सामने आने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की गई।

जांच रिपोर्ट में खाद्य निरीक्षक द्वारा विभागीय कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही, अनियमितता और कोचियों के साथ संलिप्तता की पुष्टि हुई। इसके आधार पर संचालक खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण ने निलंबन आदेश जारी किया। आदेश के अनुसार निलंबन अवधि में सिद्धांत मिश्रा का मुख्यालय इंद्रावती भवन, अटल नगर नया रायपुर स्थित संचालनालय खाद्य में नियत किया गया है।
इस कार्रवाई से जिला प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि धान खरीदी जैसी महत्वपूर्ण योजना में किसी भी तरह की गड़बड़ी या मिलीभगत बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
