Friday, April 10, 2026
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मैग्नेटो मॉल तोड़फोड़ मामला: बजरंग दल का चक्काजाम, तेलीबांधा थाने के सामने सड़क पर हवन, ट्रैफिक NH की ओर डायवर्ट, ASP-CSP समेत 12 TI तैनात…

रायपुर। छत्तीसगढ़ बंद के दौरान राजधानी रायपुर में उस वक्त तनाव की स्थिति बन गई, जब बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मैग्नेटो मॉल में हंगामा और तोड़फोड़ की। घटना के बाद पुलिस ने मामले में FIR दर्ज की, जिसके विरोध में बजरंग दल ने तेलीबांधा थाना के सामने चक्काजाम कर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने सड़क पर हवन कर अपना विरोध दर्ज कराया।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर 2 एएसपी, 4 सीएसपी, 12 से अधिक थाना प्रभारियों सहित अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। सुरक्षा कारणों से मंदिर हसौद और एयरपोर्ट की ओर से रायपुर शहर आने वाले वाहनों को तेलीबांधा चौक से नेशनल हाईवे की ओर डायवर्ट किया गया है।

बजरंग दल का आरोप: सजावट को तोड़फोड़ बताकर की गई कार्रवाई

बजरंग दल के जिला संयोजक विजेंद्र वर्मा ने मॉल में तोड़फोड़ के आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि मॉल में किसी प्रकार की हिंसा नहीं की गई, केवल सजावटी सामग्री को नुकसान हुआ, जिस पर इतनी कड़ी पुलिस कार्रवाई अनुचित है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रदर्शन पूर्व नियोजित था और उसी थाना का घेराव किया गया है, जहां FIR दर्ज की गई।

 

सांता क्लॉज की मूर्ति को लेकर विवाद

विजेंद्र वर्मा ने आरोप लगाया कि मॉल प्रबंधन ने जानबूझकर सांता क्लॉज की मूर्ति लगाकर बजरंग दल को उकसाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि इससे किसी की धार्मिक भावना आहत नहीं होती, क्योंकि बाइबिल में भी सांता क्लॉज का उल्लेख नहीं है। साथ ही उन्होंने कांकेर की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि वहां हिंदू कार्यकर्ताओं पर हमले के बावजूद पुलिस ने सख्त कार्रवाई नहीं की।

24 दिसंबर की घटना: मॉल में घुसकर हंगामा

घटना 24 दिसंबर की है, जब छत्तीसगढ़ बंद के दौरान मैग्नेटो मॉल में कथित तौर पर 30 से 40 लोग लाठी-डंडों के साथ घुस आए। मॉल प्रबंधन का दावा है कि उस समय मॉल पूरी तरह बंद था और बंद का समर्थन भी किया गया था, इसके बावजूद भीड़ ने जबरन प्रवेश किया। मैग्नेटो मॉल की मार्केटिंग हेड आभा गुप्ता के अनुसार, प्रदर्शनकारी कर्मचारियों से धर्म और जाति पूछते हुए तोड़फोड़ कर रहे थे। स्थिति इतनी भयावह हो गई थी कि कई कर्मचारी डर के मारे रोने लगे।

15–20 लाख रुपये के नुकसान का दावा

मॉल प्रबंधन के मुताबिक, पुलिस के पहुंचने से पहले लाखों रुपये की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। कुल नुकसान का अनुमान 15 से 20 लाख रुपये लगाया गया है। घटना के सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए हैं, जिनमें हाथों में डंडे लिए लोग मॉल के अंदर हंगामा करते दिखाई दे रहे हैं।

40 लोगों पर केस, जांच जारी

पुलिस ने मामले में 30 से 40 लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 115(2), 190, 191(2), 324(2) और 331(3) के तहत अपराध दर्ज की गई है।

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