
बिलासपुर। बिलासपुर के लिंगियाडीह क्षेत्र में नगर निगम द्वारा आवासीय अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर बीते 35 दिनों से जारी धरना-प्रदर्शन को समर्थन देने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मौके पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा।

भूपेश बघेल ने कहा कि गरीब लोग पाई-पाई जोड़कर अपने घर बनाते हैं, लेकिन सरकार लगातार उनके मकानों को तोड़ रही है। कभी गार्डन बनाने के नाम पर, तो कभी अन्य योजनाओं के नाम पर घरों को गिराया जा रहा है। उन्होंने इसे “सरकार का तुगलकी फरमान” बताते हुए कहा कि इसे तत्काल वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई गरीब परिवारों को पहले पट्टा दिया गया था, जबकि अनेक लोग वर्षों से बसे होने के बावजूद अब तक पट्टा नहीं पा सके हैं। सरकार को गरीबों के हक और पुनर्वास के बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए।

बाघेश्वर धाम के पीठाधीश पर भी साधा निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बाघेश्वर धाम के पीठाधीश पंडित धीरेंद्र शास्त्री और कथावाचक प्रदीप मिश्रा को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री टोटके करते हैं और प्रदीप मिश्रा कहते हैं कि “एक लोटा जल से सारी समस्याओं का हल” संभव है। भूपेश बघेल ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या ऐसे टोटकों से वास्तव में कोई बीमारी या समस्या ठीक होती है? उन्होंने मांग की कि धीरेंद्र शास्त्री और प्रदीप मिश्रा को पैसा लेना बंद करना चाहिए, उसके बाद चाहे जितनी कथा करनी हो करें।

सनातन विरोधी बयान पर अरुण साव को जवाब
डिप्टी सीएम अरुण साव द्वारा कांग्रेस को सनातन विरोधी बताए जाने पर पलटवार करते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि
“अरुण साव यह बताएं कि वे कितने सनातनी हैं? क्या उन्होंने सनातन का ठेका लिया है या कोई टेंडर हुआ है?”

तमनार हिंसा के लिए सरकार को ठहराया जिम्मेदार
तमनार में पुलिस पर उग्र भीड़ द्वारा किए गए हमले को लेकर भूपेश बघेल ने विष्णुदेव साय सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि वहां पिछले 15 दिनों से ग्रामीण आंदोलन कर रहे थे, लेकिन सरकार ने बातचीत करने की बजाय लोगों को जबरन उठाकर जेल में डाल दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन के बीच हैवी वाहनों की आवाजाही की अनुमति दी गई, जिसके चलते एक व्यक्ति की मौत हो गई। इसी घटना से लोगों का आक्रोश भड़का। भूपेश बघेल ने कहा कि अगर सरकार समय रहते बातचीत कर लेती, तो आज यह स्थिति पैदा नहीं होती।
