Wednesday, February 11, 2026
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जैम पोर्टल घोटाला : महिला कॉलेज की प्राचार्य समेत 5 प्रोफेसर निलंबित, विभागीय जांच के आदेश…

रायपुर। जैम पोर्टल के माध्यम से सामग्री खरीदी में गंभीर अनियमितताओं के मामले में राज्य शासन ने सख्त कार्रवाई की है। नवीन वीरांगना रमोतिन माड़िया शासकीय आदर्श महिला महाविद्यालय, नारायणपुर की प्राचार्य सहित पांच सहायक प्राध्यापकों को निलंबित कर दिया गया है। शासन ने स्पष्ट किया है कि निलंबन के साथ-साथ सभी के खिलाफ अलग से विभागीय जांच भी शुरू की जाएगी।

जानकारी के अनुसार, पीएम-उषा योजना के तहत आबंटित राशि से की गई खरीदी में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की शिकायत सामने आई थी। इस पर राज्य शासन ने जांच समिति का गठन किया था। समिति की रिपोर्ट में आर्थिक अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद यह कार्रवाई की गई है।

जांच रिपोर्ट में क्या निकला

जांच में सामने आया कि जैम पोर्टल से सामग्री क्रय के दौरान छत्तीसगढ़ भंडार क्रय नियम 2002 (संशोधित 2025) के प्रावधानों का पालन नहीं किया गया। पीएम-उषा मद से मिली राशि के उपयोग में भी अनियमितता पाई गई। इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 का उल्लंघन माना गया है।

निलंबित अधिकारी

राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत निम्न अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है—

  • डॉ. योगेन्द्र कुमार पटेल, प्राचार्य
  • भूषण जय गोयल, सहायक प्राध्यापक
  • किशोर कुमार कोठारी, सहायक प्राध्यापक
  • हरीश चंद बैद, सहायक प्राध्यापक
  • नोहर राम, सहायक प्राध्यापक

निलंबन अवधि में सभी का मुख्यालय क्षेत्रीय अपर संचालक कार्यालय, जगलपुर निर्धारित किया गया है। इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।

अब चलेगी विभागीय जांच

शासन के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निलंबन केवल प्रारंभिक कार्रवाई है। आरोपित प्राचार्य और सहायक प्राध्यापकों के खिलाफ भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर जल्द ही विभागीय जांच की औपचारिक प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

क्या है पीएम-उषा योजना

पीएम-उषा (प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान) केंद्र सरकार की एक केंद्र-प्रायोजित योजना है, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, पहुंच और समानता बढ़ाने के उद्देश्य से चलाई जा रही है। यह पूर्व की रूसा योजना का विस्तारित रूप है। योजना के तहत केंद्र और राज्य के बीच 60:40 (विशेष राज्यों के लिए 90:10) के अनुपात में फंडिंग होती है।
वर्ष 2023-24 से 2025-26 तक इस योजना के लिए कुल ₹12,926.10 करोड़ का बजट तय किया गया है।

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